नेपाल में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद जिले में पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। बर्ड फ्लू के खतरे के मद्देनजर सभी पोल्ट्री फार्म संचालकों को सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने, सैनिटाइजेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सैंपल कलेक्ट करने के लिए भी टीम गठित की गई है।
सूचना कंट्रोल रूम पर दें
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅक्टर एसपी पांडे ने बताया कि जिले में अभी पशुपालन का कोई मामला सामने नही आया है। हालांकि खतरा होने के कारण सभी पशुपालकों को अलर्ट किया गया है। गो आश्रय स्थल पर सफाई करने, मृत पशुओं का समुचित निस्तारण करने, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने के लिए कहा गया है। बीमार पशु को दूसरे पशु से दूर रखने और यदि पशु की मृत्यु हो जाती है तो उसकी सूचना कंट्रोल रूम पर देने के लिए कहा गया है।
क्या है बर्ड फ्लू और कैसे करें बचाव?
बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा, H5N1) एक गंभीर वायरल संक्रमण है जो मुख्यतः पक्षियों मुर्गी, बत्तख, कौवे आदि को प्रभावित करता है। मनुष्यों में यह दुर्लभ है लेकिन संक्रमित पक्षियों या उनके मल-मूत्र, लार, पंखों से सीधे संपर्क में आने पर फैल सकता है। वर्ष 2026 में भारत के कुछ राज्यों जैसे केरल, तमिलनाडु व छत्तीसगढ़ आदि में पक्षियों में प्रकोप देखा गया है। हालांकि, मनुष्यों में बड़े पैमाने पर मामले रिपोर्ट नहीं हुए हैं।
बर्ड फ्लू के मुख्य लक्षण
- तेज बुखार (38°C से ऊपर)
- लगातार खांसी, गला खराब होना
- नाक बहना या बंद होना
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, थकान
- आंखों में लाली या संक्रमण (कंजंक्टिवाइटिस)
- सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया
- दस्त, उल्टी, मतली (कुछ मामलों में)


