वृंदावन में रसोई गैस संकट: जगन्नाथ रसोई बंद, इस्कॉन मंदिर के प्रसाद में बदलाव

 अमेरिका-इजराइल व ईरान के बीच चल रहे युद्ध से गहराए रसोई गैस सिलिंडर के संकट से अब मंदिरों के अन्नक्षेत्र भी प्रभावित हैं। इस्कॉन मंदिर में सिलिंडर की कमी के कारण भक्तों को मिल रहे प्रसाद व रेस्टोरेंट के मैन्यू में बदलाव किया गया है। जगन्नाथ रसोई को तीस मार्च तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। राधादामोदर मंदिर में प्रतिदिन बंटने वाला प्रसाद भी बंद कर दिया गया।

इस्कॉन मंदिर में भक्तों के प्रसाद रेस्टोरेंट में बदला मैन्यू, पिज्जा बर्गर बंद, सब्जी की संख्या घटी

वृंदावन के ज्यादातर प्राचीन मंदिरों में अब भी लकड़ी के चूल्हे पर ठाकुरजी की रसोई में प्रसाद तैयार होता है। इनमें राधावल्लभ मंदिर से लेकर राधारमण मंदिर तक शामिल हैं। यहां आज भी पारंपरिक रूप से लकड़ी के चूल्हे पर ठाकुरजी की रसोई तैयार होती है। लेकिन, ठाकुर बांकेबिहारीजी का कच्चा प्रसाद लकड़ी के चूल्हे पर तैयार होता है, तो पकवान रसोई गैस से तैयार होते हैं।

मंदिर में डीएम की है विशेष व्यवस्था

मंदिर में डीएम ने विशेष रूप से रसोई गैस की व्यवस्था कर रखी है। इसी तरह श्रीजी रसोई में भी सरकारी हस्तक्षेप के बाद रसोई गैस की किल्लत दूर हो गई। राधादामोदर मंदिर में रसोई गैस की समस्या होने के बाद भी ठाकुरजी की रसोई तो यथावत चल रही है। लेकिन, पिछले वर्ष जुलाई में मंदिर में अन्नक्षेत्र शुरू किया था, वह बंद कर दिया है। मंदिर सेवायत कृष्णबलराम गोस्वामी ने कहा जब रसोई गैस की समस्या खत्म हो जाएगी, तो फिर से अन्नक्षेत्र शुरू होगा।

इस्कॉन मंदिर के प्रसाद में हुआ बदलाव

इस्कॉन मंदिर के प्रवक्ता रविलोचन दास ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन सुबह नौ बजे और दोपहर तीन बजे एक हजार श्रद्धालुओं को भोजन परोसा जाता था। इसमें दो सब्जी, रोटी, चावल, दाल शामिल थे। रसोई गैस सिलिंडर कम होने पर सुबह की प्रसाद में बदलाव कर खिचड़ी प्रसाद बांटा जा रहा है।

दोपहर को दो की जगह एक सब्जी कर दी है। इसी तरह मंदिर के गोविंदा रेस्टोरेंट में पिज्जा, बर्गर बंद कर दिए हैं। दस सब्जियां बनती थीं, अब पांच सब्जियां ही बन रही हैं।

जगन्नाथ मंदिर में बीस रुपये में भरपेट भाेजन कराया जाता था

जगन्नाथ मंदिर के महंत स्वामी ज्ञानप्रकाश ने कहा पिछले पांच वर्षों से मंदिर द्वारा जगन्नाथ रसोई का संचालन किया जा रहा है। इसमें श्रद्धालुओं को बीस रुपये में भरपेट भोजन कराया जाता था।

भोजन में रोटी, दो सब्जी, दाल, चावल और एक मिठाई परोसी जाती है। पांच मार्च से सिलिंडर की आपूर्ति न होने पर रसोई को बंद कर दिया गया है। हमें एक अप्रैल से सिलिंडर देने का भरोसा दिया गया है। एक अप्रैल से सिलिंडर मिले तो रसोई पुन: शुरू कर दी जाएगी।

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