जिले में बुधवार सुबह हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। मैदानी क्षेत्रों के खेतों में खड़ी गेहूं की तैयार फसल या कटी हुई फसल पानी में भीगकर खराब हो गई है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में ओले गिरने से आड़ू, आलू, पुलम आदि में दाग लगा है।
इससे फल बेल्ट में किसानों को नुकसान पहुंचा है। नैनीताल जिले में करीब 19 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है। अचानक मौसम के करवट लेने से किसान चिंतित हैं। तेज बरसात होने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भीग गई है, जिसकी कटाई में काफी दिक्कतें होंगी।
गेहूं की फसल करीब 70 प्रतिशत तक बर्बाद
कटाई के बाद खेत में पड़ी गेहूं की फसल खराब हो गई है। इसके कारण गौलापार, कालाढूंगी, हल्दूचौड़, रामनगर आदि क्षेत्रों में गेहूं की फसल करीब 70 प्रतिशत तक बर्बाद हुई है।
इसके अलावा ओलावृष्टि होने से धारी, ओखलकांडा, भेड़ापानी, धानाचूली आदि फल बेल्ट में छोटे फलों को काफी नुकसान पहुंचा है। ओले गिरने से नए उग रहे फलों में दाग लग गया है। इससे करीब 50 से 60 प्रतिशत फलों की फसल को क्षति पहुंची है।


