पत्नी के चरित्र पर शक के चलते 30 मार्च को अपनी 11 वर्षीय बेटी की गला दबाकर हत्या करने वाले आरोपित जींद के गांव जयपुर गदली निवासी गोवर्धन ने जेल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
आरोपित ने मंगलवार को देर रात करीब साढ़े 12 बजे जेल के शौचालय में लगी लोहे की ग्रिल से चादर का फंदा लगा लिया। कुछ देर बाद दूसरा कैदी शौचालय में जाने लगा तो अंदर से गेट बंद था।
इसके बाद जेल कर्मचारियों को सूचना दी गई तो शौचालय का गेट तोड़ कर गोवर्धन के शव को बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस और एफएसएल की टीम भी पहुंच गई थी।
नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद स्वजन को गोवर्धन का शव सौंप दिया। बेटी की हत्या के कुछ समय बाद ही तितरम थाना पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था और दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के बाद आरोपित को जेल भेज दिया गया था। जेल में जाने के बाद वह किसी से बातचीत नहीं करता था।
इस दौरान उससे कोई भी मिलने नहीं आया था। चार अप्रैल को गोवर्धन की चचेरे भाई के साथ जेल एसटीडी फोन से बात हुई थी। चचेरे भाई ने भी उसे कहा था कि उसने परिवार को कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। हमने तो तुमको मरा हुआ मान लिया है। आरोपित गोवर्धन परेशान रहने लगा था। यह भी बताया जा रहा है कि जेल में बंद कैदियों ने भी गोवर्धन को इस अपराध के लिए बुरा-भला कहा था।


