खालसा साजना दिवस (बैसाखी) के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले 1763 सिख श्रद्धालुओं को उनके पासपोर्ट आज अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) कार्यालय से प्रदान किए जाएंगे।
इसके बाद सभी श्रद्धालु 10 अप्रैल को एसजीपीसी कार्यालय से रवाना होंगे। इस बीच 32 श्रद्धालुओं के वीजा रद्द होने की जानकारी भी सामने आई है।
जत्था अटारी बार्डर के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा और यात्रा के दौरान सबसे पहले हसन अब्दाल स्थित गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब पहुंचेगा, जहां बैसाखी का मुख्य समागम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जाएगा।
सिख इतिहास में इस पवित्र स्थल का विशेष महत्व है और यहां दर्शन करना हर श्रद्धालु के लिए सौभाग्य माना जाता है। इसके अलावा जत्था पाकिस्तान में स्थित अन्य प्रमुख गुरुद्वारों के भी दर्शन करेगा, जहां गुरु साहिबानों की पावन यादें जुड़ी हुई हैं। आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण करने के बाद जत्था 19 अप्रैल को भारत वापस लौटेगा।


