जल्द भारत आएगा भगोड़ा मेहुल चोकसी, बेल्जियम कोर्ट ने प्रत्यर्पण को मंजूरी देने को कहा

 बेल्जियम के एंटवर्प शहर की अपीलीय अदालत के एक फैसले से भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ होता दिख रहा है। कोर्ट ने बेल्जियम सरकार को चोकसी को भारत प्रत्यर्पित करने की सलाह दी है।

अपीलीय अदालत ने सरकार से कहा है कि भारत में आरोपों का सामना कर रहे चोकसी के प्रत्यर्पण को सात में से छह आरोपों के आधार पर मंजूरी दे दी जाए।

तीन अप्रैल को बेल्जियम सरकार को दी गई सलाह में कोर्ट के ‘चैंबर ऑफ एक्यूजेशन’ ने कहा कि जिन कथित अपराधों -आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी या फर्जीवाड़ा, खातों में हेराफेरी, किसी अधिकारी द्वारा अवैध लाभ प्राप्त करना या गबन और आपराधिक कदाचार- के लिए भारत में मेहुल चोकसी वांछित है, वे बेल्जियम के कानून के तहत भी दंडनीय हैं, जिससे पारस्परिकता की शर्त पूरी होती है।

एंटवर्प के एडवोकेट जनरल केन विटपास ने बताया कि हालांकि सुबूतों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने के आरोप पर अदालत ने नकारात्मक राय दी है, क्योंकि यह अपराध बेल्जियम में दंडनीय नहीं है। बेल्जियम की प्रक्रिया के अनुसार, यह गोपनीय सलाह सरकार के पास भेजी गई है, जो अब भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर निर्णय लेगी।

कथित अपहरण में भारत की संलिप्तता नहीं

विटपास ने बताया कि अपनी सलाह में एंटवर्प की अपीलीय अदालत ने कहा है कि 2021 में एंटीगुआ और बारबुडा से मेहुल चोकसी के कथित अपहरण में भारत सरकार की किसी संलिप्तता को कोई तत्काल और प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है।

कोर्ट ने कहा है कि बेल्जियम और भारत के बीच प्रत्यर्पण के लिए एक कानूनी आधार है। कोर्ट ने बचाव पक्ष की तरफ से भारत में कानून से वंचित किए जाने, निष्पक्ष सुनवाई, यातना दिए जाने या अमानवीय व्यवहार की जताई गई आशंका को विश्वसनीय नहीं माना है।

13 हजार करोड़ के पीएनबी मामले में वांछित

पिछले वर्ष दिसंबर में बेल्जियम के सुप्रीम कोर्ट ने चोकसी की अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने भारत में 13 हजार करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ऋण धोखाधड़ी के संबंध में अपने प्रत्यर्पण को चुनौती दी थी। भारत ने 27 अगस्त, 2024 को बेल्जियम से प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *