मधुमक्खी पालन कर गोड्डा की कुल 56 महिला किसान अपना भविष्य संवारेगी। वह इसलिए कि गोड्डा के कुल 56 महिलाओं को मधुमकखी पालन के लिए रांची भेजा गया है। जिसमें गोड्डा से 22 व पोडै़याहाट 34 महिलाओं को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। यह ट्रेनिंग तीन दिवसीय है। महिलाओं को रांची के कृषि विज्ञान केंद्र व रामकृष्ण मिशन में मधुमक्खी पालन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सभी महिला किसान को हरगौरी एफपीओ के ओर से चयनित कर भेजा गया है। जिसमें जिले के कई प्रखंडों की महिला किसान शामिल हैं। जो विशेष व अनूठी पहल है। हालांकि, पहले भी यहां के किसान मधुमक्खी पालन की खेती कर जीविकोपार्जन कर रहे हैं।
इस बार महिला किसानों को विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए भेजा गया है जो स्वागत योग्य है। इस बार यह ट्रेनिंग सिडको फेड के ओर दी जा रही है।
क्लस्टर बनाकर मधुमक्खी पालन करेंगी महिला किसान
हरगौरी एफपीओ के चेयरमैन अमरेंद्र कुमार अमर के अनुसार, पहली बार महिला किसान का चयन इस प्रकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए किया गया है। चूंकी महिलाएं इस प्रकार के प्रोजेक्ट में बहुत लगन से काम करती हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं को क्लस्टर बनाकर मधुमक्खी पालन कराया जाएगा।
साथ ही जरूरी उपकरण व वातावरण मुहैया कराया जाएगा। शुरुआती दौर में 500 बॉक्स में मधुमक्खी पालन किया जाएगा। जिसको बाद में प्रसंस्करण का डब्बा बंद कर बाजार के लिए तैयार किया जाएगा।
एफपीओ की ओर से इस प्रकार के कुटीर उद्योग के लिए बड़ी कंपनियों से संपर्क साधा गया है, जिससे उन महिला किसान के प्रोडक्ट को सही जगह खपाया जाएगा तथा इससे उचित मूल्य प्राप्त होगा। इससे महिला किसान जो इस धंधे से जुड़ी हैं आगे भी प्रोत्साहित होगी तथा यूनिट पर और भी मेहनत से काम किया जाएगा।
साथ ही बताया कि आने वाले समय में एफपीओ के ओर से रिटेल आउटलेट भी बनाया जाएगा, जहां लोकल बाजार में भी तैयार प्रोडक्ट को खपाया जा सके। इससे यहां की महिला किसान जिसमें आदिवासी महिलाए कई संख्या में है को बेहतर रोजगार मिलेगा तथा आने वाले समय में यह और भी बेहतर होगा। दूसरा कि इसको देखकर और भी कई महिला किसान इस धंधे से जुडे़गी जिससे उनके आय में बढ़ोतरी संभव है।
कई फ्लेवरों में तैयार होगा शहद
एफपीओ के चेयरमैन के अनुसार तैयार शहद कई फ्लेवरों में बनेगा। बताया कि शहद सरसों, जामुन, लीची, करंज, युक्लिप्टस, ढे़ला ,पलाश तथा अन्य जंगली फूलों के फ्लेवर पर शहद तैयार होगा। कहा कि तैयार शहद अलग अलग दर में बाजार में मुहैया कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह बरसात के बाद शुरू होगा। बरसात के बाद पांच सौ डब्बो से उत्पादन गोड्डा में प्रारंभ हो जाएगा। मधुमक्खी की खेती पहली बार गोड्डा में सामुहिक रूप से होगी। जिससे रोजगार के नए अवसर महिला किसानो के लिए उपलब्ध होगा।


