यूपी में कुत्ते के काटने से महिला ग्राम प्रधान की मौत, पहले झाड़-फूंक कराया; 25 दिन बाद दिखे थे लक्षण

 कुत्ता काटने के एक करीब एक माह बाद महिला ग्राम प्रधान की मेडिकल कॉलेज लखनऊ में मौत हो गई। प्रधान ने रविवार को बाराबंकी में निजी अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया, लेकिन तब तक उनमें रेबीज के लक्षण दिखने लगे।

पानी से डर लगने समेत अन्य समस्या होने लगी। इस पर उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा गया। सोमवार को गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया।

सात मार्च 2026 को मझिगवा प्रधान आशा देवी घर के पास टहल रही थीं। दरवाजे पर ही घूम रहे कुत्ते ने उन्हें काट लिया। परिवारजन व ग्राम प्रधान ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पहले देसी दवाई व झाड़ फूंक का सहारा लिया। 25 दिन बाद बीते गुरुवार को अचानक प्रधान की हालत बिगड़ी।

कुत्ते के काटने के एक माह बाद महिला की मौत

उन्हें कमर व सीने में दर्द में साथ गले में खरास की समस्या हुई। परिवारजन उन्हें लेकर बछरावां सीएचसी पहुंचे। वहां पर उनकी कुछ जांचें की गई। चिकित्सक ने कमजोरी व दर्द की दवाइयां देकर घर भेज दिया। राहत न मिलने पर शुक्रवार को फिर प्रधान को लेकर परिवारजन सीएचसी बछरावां पहुंचे।

चिकित्सक ने खून की जांच कराने के बाद कुछ दवाएं व इंजेक्शन दिए। प्रधान को आराम न मिलता देख परिवारजन ने शनिवार को महराजगंज कस्बा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ दवाएं देने के बाद निजी अस्पताल के चिकित्सक अन्य कहीं इलाज कराने की बात कही।

इस पर परिवारजन रविवार को उन्हें बाराबंकी के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। बाराबंकी के अस्पताल में महिला पानी, लाइट और हवा से डरने लगीं साथ ही किसी के छूने पर चौंकने जैसी हरकतें करने लगीं।

बाराबंकी के चिकित्सक ने मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। सोमवार सुबह करीब दस बजे इलाज के दौरान ग्राम प्रधान आशा देवी की मौत हो गई। महिला ग्राम प्रधान के पति हरिश्चंद ने बताया कि बाराबंकी के अस्पताल में ही उन्हें रेबीज होने की जानकारी हुई। उन्हें एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं लग सका था।

तीन सदस्यीय समिति का होगा गठन

महिला ग्राम प्रधान आशा देवी की मौत के बाद अब ग्राम प्रधान की सीट रिक्त हो गई। बीडीओ वर्षा सिंह ने बताया कि सूचना मिली है। जिला पंचायत राज अधिकारी को सूचना भेजी जाएगी।

उनके निर्देश पर गांव में बैठक के बाद निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्यों की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जो ग्राम प्रधान का कार्यभार देखेंगे। तब तक के लिए वित्तीय अधिकारों पर रोक रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *