दरभंगा जंक्शन का पुनर्विकसित कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। जंक्शन का 30 महीने में पूरी तरह से पुनर्विकास होना था, लेकिन 32 महीने बाद भी स्टेशन पर पार्किंग की जगह नहीं बन पाई है।
अधिकारियों को भी नहीं पता कि पूरा स्टेशन कब बनकर तैयार होगा। हालात को देखते हुए लगता है कि लोगों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। जंक्शन पर यात्रियों के लिए पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है।
पुनर्विकास के नाम पर सिर्फ पुराने रिजर्वेशन काउंटर को ही ध्वस्त किया गया है। इसकी जगह पर अस्थायी टिकट काउंटर बनाए गए हैं। शेष कार्यालय और बिल्डिंग जस के तस स्थिति में है।
आधुनिक, सुरक्षित और यात्री अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दरभंगा जंक्शन का पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है।
6 अगस्त को किया था शिलान्यास
340 करोड़ की लागत से दरभंगा जंक्शन को विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्ण विकास कार्य योजना का शिलान्यास 6 अगस्त 2023 को किया था। लेकिन लगभग 32 माह बाद भी कार्यों में कोई खास प्रगति नहीं देखी जा रही है।
जुलाई 2024 में टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई थी, जिसके बाद निर्माण कंपनी ने काम शुरू किया था। कंपनी को तय सीमा के अंदर काम पूरा करना था। समय पर काम नहीं हुआ तो कंपनी पर जुर्माना लगेगा, जबकि समय से पहले काम पूरा करने पर कंपनी को बोनस की बात कही गई थी।
बता दें कि जंक्शन को वर्ल्ड क्लास बनाने की दिशा में जानकारी दी गई थी कि इसमें टिकट काउंटर, रिटायरिंग रूम, रेस्ट हाउस, क्लाक रूम, वीआईपी लाउंज, जीआरपी एवं आरपीएफ ऑफिस, मीटिंग रूम, पुस्तकालय, बेड लाउंज, दुकान, फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट और मल्टीलेबल पार्किंग के अलावा कई नई तकनीकें शामिल होंगी।
सभी प्लेटफार्म पर लिफ्ट और एक्सलेटर की भी व्यवस्था की जाएगी। वहीं, सीसीटीवी से निगरानी भी रखी जाएगी। स्टेशन पर करीब दो हजार से ज्यादा लोगों के बैठने की सुविधा रहेगी।


