बैनामा कराना हो या फिर वसीयत। अगर किसी बुजुर्ग के फिंगर प्रिंट मिट गए हैं तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। आंखों की पुतली से बैनामा करा सकेंगे। इसके लिए प्रत्येक उप निबंधक कार्यालय को एक-एक आइरिस स्कैनर मिल गया है। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या को बढ़ाया जा सकता है।
जिले में हर सप्ताह 18 से 20 प्रकरण ऐसे आते थे। जिसमें निर्णय लेने से निबंधन विभाग के अधिकारी भी घबराते थे। आइरिस स्कैनर मिलने से अब यह समस्या खत्म हो जाएगी।
हर सप्ताह 18 से 20 आते थे प्रकरण, बैनामा में होती थी परेशानी
दो माह पूर्व आइरिस स्कैनर की खरीद का प्रस्ताव तैयार हुआ था। सबसे पहले स्थानीय स्तर पर इनकी खरीद होनी थी लेकिन फिर शासनस्तर पर हुई। जिले में 10 उप निबंधक कार्यालय हैं। इसमें पांच कार्यालय तहसील सदर में हैं। हर दिन 700 बैनामा होते हैं। सबसे अधिक बैनामा में परेशानी फिंगर प्रिंट को लेकर आती थी।
सभी उप निबंधक कार्यालयों को मिली मशीनें, फिंगर प्रिंट मिटने से हो रही थी परेशानी
कई बार ऐसे बुजुर्गें के आधार कार्ड भी नहीं बनते थे। इससे बैनामा नहीं होता था। अब आधार कार्ड बनने लगे हैं। सबसे अधिक परेशानी बैनामा को लेकर आ रही थी। जिस पर आइरिस स्कैनर मिल गए हैं। सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार ने बताया कि सभी कार्यालयों में आइरिस स्कैनर की सुविधा चालू हो गई है। बैनामा से पूर्व आधार कार्ड और पैन कार्ड का सत्यापन किया जाएगा।
रात आठ बजे तक करा सकते हैं बैनामा
तहसील सदर स्थित उप निबंधक कार्यालय द्वितीय में सोमवार से शनिवार तक दोपहर एक से रात आठ बजे तक बैनामा करा सकते हैं। यह व्यवस्था 19 अप्रैल से चालू हुई है।
अवकाश में नहीं होने देंगे बैनामा
तहसील सदर के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दुबे ने बताया कि प्रत्येक रविवार को एक उप निबंधक कार्यालय खुलेगा। कार्यालय में दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता नहीं पहुंचेंगे। अवकाश में बैनामा नहीं होने देंगे।


