हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर वसूले जा रहे प्रवेश टोल टैक्स का विरोध तेज होता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
बता दें कि उन्होंने एक अप्रैल को मैहतपुर स्थित हिमाचल बार्डर पर दिए जा रहे धरने में लोगों से वादा किया था कि वह जल्द भारत सरकार को पत्र लिखने जा रहे हैं।
डॉ. सुभाष शर्मा ने बताया कि केंद्र को जानकारी दी गई है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों से एंट्री टैक्स वसूला जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहन भी शामिल हैं।
उन्होंने इसे आम जनता व परिवहन कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए कहा कि इससे पड़ोसी राज्यों, विशेषकर पंजाब के लोगों में भारी असंतोष उत्पन्न हो रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग केंद्र सरकार के धन से बनाए जाते हैं ताकि राज्यों के बीच निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके, ऐसे में इन मार्गों पर अतिरिक्त टैक्स लगाना इस मूल उद्देश्य के विपरीत है और यह यात्रियों पर दोहरी कर व्यवस्था थोपने जैसा है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड बनाम हरियाणा राज्य 2016 के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि एंट्री टैक्स गैर-भेदभावपूर्ण व सेवाओं के अनुपात में होना चाहिए। पत्र में यह भी कहा गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं व इन पर पहले से ही एनएचएआई के तहत टोल वसूला जा रहा है।


