वर्ष 2007 के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में एमपी/एमएलए मामलों की विशेष अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए विधायक अभय सिंह समेत सभी आरोपितों को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश हरवंश नारायण की अदालत ने लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अभियोजन पक्ष के आरोपों को पर्याप्त प्रमाणित न मानते हुए यह निर्णय दिया।
इस मामले में विधायक अभय सिंह के अलावा रविंद्र सिंह उर्फ रज्जू, अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही और फिरोज अहमद को आरोपित बनाया गया था। अभियोजन के अनुसार, घटना 31 मार्च 2007 की रात करीब नौ बजे थाना बाजारखाला क्षेत्र में हुई थी।
मृतक शत्रुघ्न सिंह उर्फ छोटू सिंह के पिता नारदमुनि सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ऐशबाग ईदगाह के पास फायरिंग की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचे। वहां दो युवकों को उनके पुत्र पर गोली चलाते देखा गया। बीच-बचाव करने आए जितेंद्र त्रिपाठी को भी हमलावरों ने गोली मार दी, जिससे दोनों की मौत हो गई।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि घटना के समय अभय सिंह एनएसए के तहत एक अन्य मामले में जेल में निरुद्ध थे। 19 वर्षों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों को अपर्याप्त मानते हुए सभी आरोपितों को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

