हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में आज सुबह का सन्नाटा एक हल्की सी थरथराहट से टूटा। 31 मार्च 2026 को सुबह 04:33 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए।
नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी (NCS) के मीटरों ने तुरंत इस हलचल को दर्ज किया। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे, 32.171 N अक्षांश और 76.241 E देशांतर पर था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 मापी गई।
इससे पहले 15 जनवरी 2026 को मंडी में भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र बिंदु मंडी में जमीन से 5 किलोमीटर नीचे पाया गया था। दोपहर 12 बजकर 57 मिनट यह झटके महसूस किए गए थे। मंडी में अकसर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं।
भूकंप के दौरान क्या करें?
भूकंप के दौरान जितना हो सकता है सुरक्षित रहने की कोशिश करें। सावधान रहें क्योंकि कुछ भूकंप से पहले तगड़े झटके आते हैं और बड़ा भूकंप आ सकता है। जल्दी से जल्दी एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचें और तब तक घर के अंदर रहें जब तक कि झटके बंद न हो जाएं और आप आश्वस्त न हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।
अगर मलबे के नीचे फंस गए हो, तो क्या करें?
- माचिस जलाने की कोशिश न करें
- इधर-उधर न घूमें और न ही धूल फांकें
- अपने मुंह को रूमाल या कपड़े से ढकें
- किसी पाइप या दीवार पर टैप करें ताकि बचावकर्मी आपका पता लगा सकें
- यदि कोई उपलब्ध हो तो सीटी का प्रयोग करें लास्ट ऑप्शन के रूप में ही चिल्लाएं, क्योंकि चिल्लाने से आप खतरनाक मात्रा में धूल अपने अंदर ले जा सकते हैं
अगर भूंकप के दौरान किसी आपात स्थिति में फंस जाएं, तब क्या करें?
अगर आप भूकंप के दौरान किसी आपात स्थिति में फंस जाते हैं, मसलन मलबे में फंस गए हो या बहुमंजिला इमारत में हों तब आपको शांत दिमाग से काम लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में घबराने से आप कुछ गलत फैसले ले सकते हैं जो आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।


