विद्यार्थियों के बीच विभिन्न विषयों की बढ़ती मांग को देखते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने विविध नियमित पाठ्यक्रमों में सीट बढ़ाने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में आयोजित विभागाध्यक्षों की बैठक में इस निर्णय पर सहमति बनी। सभी बढ़ी सीटों पर प्रवेश स्ववित्तपोषित मोड में दिया जाएगा। अब इसे लेकर तैयार प्रस्ताव को मंजूरी के लिए प्रवेश समिति में ले जाने की तैयारी है।
बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक बीए में सेल्फ फाइनेंस मोड में 30 प्रतिशत सीटें बढ़ाई गई हैं। इसी तरह एमए के सभी विषयों में 25 प्रतिशत की सीट वृद्धि हुई है। बीएससी, एमएससी और एमकाम के नियमित पाठ्यक्रमों में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है
सीट वृद्धि सत्र 2026-27 में लागू होगी। सीट वृद्धि को लेकर गुरुवार को भी अधिष्ठाताओं के साथ कुलपति ने बैठक की थी। उसमें सीट वृद्धि पर सहमति बन गई थी। शुक्रवार को इसका प्रारूप तैयार कर लिया गया। विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही शुरू होनी हैं।
प्रवेश के लिए ज्यादातर छात्रों की पहली पसंद विश्वविद्यालय परिसर ही होता है। इसीलिए हर वर्ष स्नातक और परास्नातक में प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। उनमें से करीब 12-15 प्रतिशत अभ्यर्थियों को ही प्रवेश मिल पाता है।
विद्यार्थियों के लिए प्रवेश में अवसर बढ़ाने के क्रम में विश्वविद्यालय ने सीट वृद्धि का निर्णय लिया है। सीट वृद्धि होने पर संबंधित पाठ्यक्रमों में छात्रों के अनुपात से शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी।
इन विषयों में 60-60 सीटों पर लिया जाएगा प्रवेश
परास्नातक में स्ववित्तपोषित माध्यमों से संचालित एमएससी के कई विषयों में 60-60 सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब तक बायोटेक्नोलाजी में 22, पर्यावरण विज्ञान में 50, इलेक्ट्रानिक्स में 18, माइक्रोबायोलाजी में 24 सीटों पर प्रवेश लिया जाता था। इन सभी विषयों में नए सत्र में 60-60 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा।


