पुलिस का काम केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि समाज में शांति और आपसी सौहार्द कायम करना भी है। इसका जीवंत उदाहरण जनपद के दुबौलिया थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां थानाध्यक्ष की सूझबूझ और सकारात्मक पहल से दो भाइयों के बीच पिछले एक दशक से चला आ रहा भूमि संबंधी विवाद चंद घंटों में समाप्त हो गया।
पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। दस साल की कड़वाहट, एक अहम मुलाकात में आखिरकार समाप्त हो गई। दुबौलिया थाना क्षेत्र के जोगहटा गांव के रहने वाले दो भाइयों रामबुझारत मिश्र व रवींद्र नाथ मिश्र के बीच पिछले 10 वर्षों से भूमि विवाद को लेकर गहरी रंजिश चल रही थी।
विवाद इतना पुराना और गहरा था कि दोनों पक्षों के बीच बोलचाल पूरी तरह बंद थी और मामला पुलिस व कचहरी की चौखट तक पहुंच चुका था। कई बार सामाजिक स्तर पर पंचायतें हुईं, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।
पुलिस के इस संवेदनशील रवैये को देख थाने पर मौजूद लोग और स्थानीय ग्रामीण गदगद हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर हर विवाद का निपटारा इसी तरह संवाद के माध्यम से हो जाए, तो कोर्ट-कचहरी के चक्करों से आम जनता को मुक्ति मिल जाएगी। थानाध्यक्ष दुबौलिया की इस कार्यशैली की जिले के उच्चाधिकारियों द्वारा भी सराहना की जा रही है।
थानाध्यक्ष ने निभाई जिम्मेदार मध्यस्थ की भूमिका
मामले की गंभीरता और वर्षों पुरानी दुश्मनी को देखते हुए एक पक्ष ने पहले यूपी 112 पीआरवी और स्थानीय पुलिस को विवाद की सूचना दी तो थानेदार दुबौलिया जीवन त्रिपाठी ने स्वयं पहल करके दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया।


