सिविल और फैमिली कोर्ट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब कई जजों के मोबाइल पर आतंकी हमले की धमकी भरे मैसेज पहुंचे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और कोर्ट परिसर में सघन जांच अभियान शुरू कर दिया गया।
आतंकी हमले की चेतावनी
बताया गया कि गुरुवार को कई न्यायिक अधिकारियों के मोबाइल पर संदिग्ध मैसेज भेजे गए, जिसमें आतंकी हमले की चेतावनी दी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी वरीय पुलिस अधिकारियों को दी गई। इसके बाद नगर एएसपी सुरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
कोर्ट को खाली कराने के निर्देश
धमकी के बाद एहतियातन कोर्ट परिसर को खाली कराने के निर्देश दिए गए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वकीलों, कोर्ट कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी की स्थिति बन गई। देखते ही देखते पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। नगर एएसपी वन सुरेश कुमार ने कहा कि धमकी के बाद कोर्ट परिसर में जांच की जा रही है।
कोर्ट परिसर की कराई गई जांच
जांच के लिए डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता भी मौके पर बुलाया गया है। टीम द्वारा कोर्ट परिसर के हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु मौजूद न हो।
जनवरी 2026 में भी मिली थी धमकी
गौरतलब है कि इससे पहले जनवरी 2026 में भी मुजफ्फरपुर समेत बिहार के कई कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। उस दौरान भी व्यापक जांच अभियान चलाया गया था, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला और मामला फर्जी साबित हुआ था।
तकनीकी जांच पर विशेष ध्यान
पुलिस इस बार भी तकनीकी जांच पर विशेष ध्यान दे रही है। साइबर सेल के जरिए धमकी भरे मैसेज के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। आशंका है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया हो सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करते हुए कोर्ट परिसर में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रवेश द्वारों पर सख्ती, सीसीटीवी कैमरों की सतत निगरानी और नियमित जांच अभियान जारी है।
पुलिस को सूचना देने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।


