बिहार के बुजुर्गों को नहीं लगाना पड़ेगा ऑफिस के चक्कर, 1 अप्रैल से घर बैठे करा सकेंगे जमीन की रजिस्ट्री
बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को जमीन रजिस्ट्री को लेकर निबंधन कार्यालय में आपाधापी से निजात दिलाने को लेकर घर पर ही सुविधा उपलब्ध कराने का बड़ा निर्णय लिया गया है। अब बुजुर्ग घर बैठे ही जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे।
यह सुविधा अगले एक अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगी। इससे वरिष्ठ नागरिकों को जहां रजिस्ट्री कार्यालय का चक्कर लगाने की विवशता समाप्त हो जाएगी, वहीं उन्हें आसानी से यह सुविधा उनके घर पर ही मिलने लगेगी।
विभाग के सचिव अजय यादव द्वारा इस बाबत 18 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर सूबे के सभी जिला एवं अवर निबंधकों को कहा गया है कि सात निश्चय-तीन, सबका सम्मान जीवन आसान के तहत 80 साल अथवा उससे, अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे होम रजिस्ट्री की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
निबंधन कार्यालय को मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट के माध्यम से इस सकारात्मक कार्य को अंजाम देना है। विभाग द्वारा सहूलियत को लेकर मानव बल का भी गठन किया जा रहा है।
अक्सर देखने को मिलता है कि 80 साल अथवा उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को स्वजन किसी तरह पकड़कर अथवा गोंद में उठाकर निबंधन कार्यालय लाते हैं।
तब उनसे जमीन की रजिस्ट्री हो पाती है। अब एक अप्रैल से वरिष्ठ नागरिक के साथ ही उनके स्वजनों की परेशानी पर भी विराम लग जाएगा।
क्या सब अपनानी होगी प्रक्रिया
80 साल अथवा उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा घर बैठे जमीन रजिस्ट्री हेतु ऑनलाइन आवेदन भरते समय उनके उम्र प्रमाण पत्र के तौर पर विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, कोई शैक्षणिक प्रमाण पत्र, किसी मान्यता प्राप्त संस्थान द्वारा जारी किया गया उम्र संबंधी प्रमाण पत्र को स्वीकार किया जाएगा।
इसके साथ ही घर बैठे निबंधन हेतु ऑनलाइन अर्जी भरते समय 80 साल अथवा उससे अधिक उम्र के आवेदक के समक्ष यह विकल्प दिया गया है कि वे उम्र प्रमाण पत्र घर बैठे ई निबंधन पोर्टल पर आवेदन करते समय ऑनलाइन अपलोड करेंगे अथवा मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट से उनके निवास स्थान घर बैठे निबंधन हेतु आने पर उसे अनिवार्य तौर पर उपलब्ध कराएंगे।
अभी क्या है व्यवस्था
कोई बुजुर्ग बीमार, लाचार हैं, तो निबंधन कार्यालय में मेडिकल प्रमाण के साथ अर्जी देने पर रजिस्ट्रार द्वारा कमीशन बहाल किया जाता है। निबंधन कार्यालय द्वारा प्रतिनियुक्त अधिकारी घर पर जाकर मैनुअल तरीके से अंगूठा का निशान और तस्वीर लेते हैं। पहचान और गवाह से भी हस्ताक्षर लेने की प्रक्रिया है। बावजूद यदि रजिस्ट्रार को अर्जी स्वीकार नहीं होती, तो यह सुविधा भी नहीं मिल पाती है।


