मौसम के कई रंग दिखाने के साथ गुरुवार को अप्रैल बीत गया। कुमाऊं में इस बार अप्रैल में वो गर्मी पड़ी जो पिछले एक दशक में नहीं दिखी थी। अप्रैल में 40.4 डिग्री तापमान पहुंचने से मई व जून में गर्मी बढ़ने के संकेत मिल गए हैं।
दूसरी ओर अप्रैल में प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक वर्षा देखने को मिली है। फिलहाल हालिया पश्चिमी विक्षोभ व दो मई को आने वाले नए मौसमी सिस्टम की वजह से मई पहले सप्ताह भीषण गर्मी से राहत रहने वाली है।
अप्रैल 2009 में रहा था सर्वकालिक गर्म
तराई में अप्रैल का सर्वकालिक गर्म अप्रैल 2009 में रहा था। तब 20 अप्रैल को तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। पिछले 10 वर्षों में एक भी वर्ष अप्रैल का तापमान 40 डिग्री के स्तर को नहीं छू पाया था। 2016 के बाद सर्वाधिक 39.9 डिग्री पारा 28 अप्रैल 2021 को गया था।
इस बार 25 अप्रैल को तापमान 40.4 डिग्री पहुंच गया था। दूसरी ओर अप्रैल पहले, दूसरे व अंतिम सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ आने से वर्षा भी देखने को मिली। अप्रैल में प्रदेश में औसत वर्षा 39.3 मिमी वर्षा होती है, इस बार 46.4 मिमी वर्षा हुई।
चमोली, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार को छोड़ शेष नौ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई। कुमाऊं में चंपावत जिले में सामान्य से तीन गुना, ऊधम सिंह नगर में दोगुना, बागेश्वर में डेढ़ गुना, अल्मोड़ा में 42 प्रतिशत व नैनीताल में 36 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। ऊधम सिंह नगर में अप्रैल में 23.8 मिमी वर्षा हुई।
काशीपुर व पंतनगर में हुई वर्षा
गुरुवार सुबह काशीपुर व पंतनगर में गरज के साथ वर्षा हुई। सुबह 8:30 बजे तक काशीपुर में 2.5 मिमी व पंतनगर में 3.2 मिमी वर्षा हुई। दोपहर में बादल छंटने के साथ धूप निकली। काशीपुर में शाम 4:30 बजे फिर मौसम बदल गया और हल्की वर्षा हुई।
पंतनगर का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तराई में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। तापमान में वृद्धि होगी। तीन मई से मौसम बदलने के साथ बादल छा सकते हैं।


