पैंगोंग झील पर ‘फ्रीज्ड मैराथन’ से लेकर लक्षद्वीप में स्नार्कलिंग शुरू, केंद्रीय ने संसद में दी जानकारी

प्रकृति की नैसर्गिक सुंदरता से लदकद भारत में बर्फीले पहाड़ों, नीले-हरे समुद्री तटों, सफेद और भूरे रेगिस्तानों और देश के एकमात्र ज्वालामुखी को पर्यटन स्थल में फलने-फूलने के लिए सरकार ने कई भगीरथ कार्य किए हैं।

केंद्र सरकार ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए केंद्र शासित प्रदेशों में विभिन्न पर्यटन खंडों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। लिहाजा, लद्दाख की पांगोंग झील पर ‘फ्रीज्ड मैराथन’ से लेकर लक्षद्वीप में महासागर के नीचे स्नार्कलिंग करने जैसे रोमांचक स्पोर्ट शुरू कराए गए हैं।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि सरकार ”नए प्रकार के पर्यटन” जैसे एस्ट्रो-पर्यटन, इको-पर्यटन, प्रकृति/जैव विविधता पर्यटन, विरासत/संस्कृति पर्यटन, वेलनेस पर्यटन के साथ-साथ साहसिक, क्रूज और ग्रामीण पर्यटन खंडों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने सांसद दर्शना सिंह के पूछे सवाल के जवाब में कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में विभिन्न प्रकार के पर्यटन खंडों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्य पहलों में राय ने भारत के पहले डार्क स्काई रिजर्व की स्थापना, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में समुद्री तटों और प्रकृति ट्रेल्स का विकास और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में बैरन द्वीप क्रूज की शुरुआत का उल्लेख किया, जो पर्यटकों को भारत के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी का दृश्य प्रदान करता है।

उन्होंने ”पैंगोंग झील पर फ्रीज्ड मैराथन जैसे विभिन्न निशान खेल आयोजनों और त्योहारों की मेजबानी” और लद्दाख में आइस हाकी और आइस क्लाइंबिंग आयोजनों का उल्लेख किया। जम्मू और कश्मीर में शीतकालीन ट्रैकिंग और गोंडोला राइड्स को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि चंडीगढ़ ”अंतर-शहर पर्यटन सर्किट के विकास और सप्ताहांत पर्यटन को बढ़ावा देने” पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

दिल्ली में पर्यटक अनुभव को बढ़ाने के लिए डबल-डेकर बस की शुरुआत की गई है, जबकि पुडुचेरी मीटिंग, इंसेंटिव, कांफ्रेंस और एक्सहिबिशन्स पर्यटन के लिए बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है।

द्वीपीय क्षेत्रों में इको-पर्यटन पर राय ने कहा कि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में लांग आइलैंड और शहीद द्वीप समेत कई स्थानों पर ”इको-पयर्टन रिसार्ट के विकास के लिए पुरस्कार पत्र जारी किया गया है।”

लक्षद्वीप में कदमत व सुहेली द्वीपों पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी माडल के तहत लैगून विला विकसित करने के लिए अनुबंध दिए गए हैं, जबकि बांगाराम द्वीप पर 50 लक्जरी टेंट रिसार्ट चालू किए गए हैं।

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