राजधानी को गोंडा, बहराइच और नेपाल से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित संजय सेतु के मरम्मत कार्य को दो माह में पूरा कर लिया जाएगा।
यह जानकारी राज्य सरकार की ओर से हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष दी गई। न्यायमूर्ति राजन राय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए गोंडा, बाराबंकी और बहराइच के जिलाधिकारियों व एनएचएआइ को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी।
सेतु की मरम्मत को लेकर दाखिल जनहित याचिका में इसकी खराब स्थिति को देखते हुए शीघ्र सुधार की मांग की गई थी, जिस पर न्यायालय ने सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी थी।
सरकार की ओर से बताया गया कि घाघरा नदी पर बने इस महत्वपूर्ण सेतु के मरम्मत कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं।
15 अप्रैल तक तैयार हो जाएगा पीपे का पुल
15 अप्रैल तक पीपे का पुल तैयार कर लिया जाएगा, जिससे छोटे वाहन आवागमन कर सकेंगे। वहीं, भारी वाहनों को अयोध्या मार्ग से होकर गोंडा और आगे के जिलों की ओर भेजा जाएगा। इस व्यवस्था से मरम्मत कार्य के दौरान यातायात पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।


