टीएमसी ने की भवानीपुर के रिटर्निंग अधिकारी को हटाने की मांग, सुवेंदु अधिकारी के करीबी होने का किया दावा

 बंगाल की हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीट भवानीपुर में चुनावी सरगर्मी के बीच एक नया प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी के रूप में सुरजीत राय की नियुक्ति का कड़ा विरोध किया है।

तृणमूल ने इस संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर राय को तत्काल पद से हटाने की मांग की है।

तृणमूल नेता डेरेक ओब्रायन ने अपने पत्र में दावा किया है कि सुरजीत राय (2011 बैच के डब्ल्यूबीसीएस अधिकारी) पहले नंदीग्राम-2 ब्लॉक के बीडीओ रह चुके हैं और उन्हें भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी का बेहद करीबी माना जाता है।

चूंकि इस बार भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी भाजपा के उम्मीदवार हैं, ऐसे में राय की नियुक्ति चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पार्टी का तर्क है कि इससे स्वतंत्र और पारदर्शी मतदान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

पत्र में कहा गया है कि आमतौर पर ऐसे संवेदनशील पदों पर संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति होती है, लेकिन सुरजीत राय वर्तमान में भूमि रिकार्ड के अतिरिक्त निदेशक हैं, जो इस पद की गरिमा और वरिष्ठता के अनुरूप नहीं है।

पुलिस पर्यवेक्षकको लेकर भी तृणमूल ने लिखा पत्र

तृणमूल ने आइपीएस अधिकारी जयंत कांत की पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है है।

आयोग को लिखे पत्र में पार्टी ने दावा किया है कि जयंत कांत की पत्नी स्मृति पासवान बिहार में भाजपा की एक सक्रिय नेता हैं, जो निष्पक्ष चुनावी निगरानी के सिद्धांतों के विरुद्ध है। चुनाव आयोग द्वारा जयंत कांत को मालदा जिले की मोथाबारी, वैष्णवनगर, मानिकचक और सुजापुर सीटों का प्रभार दिया गया है।

इफ्तार पार्टी में शामिल होने पर नपे

केंद्रीय अर्धसैनिक बल के सात जवान बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों पर निर्वाचन आयोग ने अनुशासन की गाज गिराई है।

मुर्शिदाबाद जिले में ड्यूटी छोड़कर एक स्थानीय राजनीतिक नेता की इफ्तार पार्टी में शामिल होने के आरोप में सात जवानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा बलों का किसी भी स्थानीय व्यक्ति या राजनीतिक दल से सुविधा लेना या सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होना नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

टीएमसी ने चुनाव आयोग से की पुलिस पर्यवेक्षक को हटाने की मांग

बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पुलिस पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को लेकर सियासत गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस ने भारत निर्वाचन आयोग की ओर से आइपीएस अधिकारी जयंत कांत को पुलिस पर्यवेक्षक बनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है।

टीएमसी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओब्रायन ने चुनाव आयोग को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि जयंत कांत की पत्नी स्मृति पासवान भाजपा से जुड़ी सक्रिय नेता हैं।

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