रामनवमी के दौरान जिले में कहीं भी बगैर अनुमति के जुलूस निकालने पर रोक लगाई गई है। वहीं, शहर में रामनवमी यात्रा की सुरक्षा के दृष्टिकोण से ड्रोन से निगरानी रखने का निर्णय लिया गया है।
दूसरी तरफ अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के साथ उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने का आदेश डीएम ने जिले के सभी मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी को दिया है। उक्त आदेश सोमवार को कलेक्ट्रेट में रामनवमी को ले संयुक्त ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए डीएम ने कही।
ब्रीफिंग के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि रामनवमी के अवसर पर विभिन्न मंदिरों एवं ठाकुरबाड़ियों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है।
इसी के मद्देनजर जिले के 269 स्थलों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित स्थल पर समय से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया।
बिना अनुमति के जुलूस के आयोजन पर रोक
जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को बिना अनुमति किसी भी जुलूस के आयोजन पर रोक लगाने तथा नए लाइसेंस निर्गत करने से पूर्व निर्धारित रूट का संयुक्त सत्यापन करने के उपरांत ही अनुमति प्रदान करने के निर्देश दिए। सभी जुलूसों की वीडियोग्राफी कराने तथा शोभायात्राओं की ड्रोन के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
डीजे और लाउडस्पीकर पूर्ण प्रतिबंध
ध्वनि विस्तारक यंत्रों, विशेषकर डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा लाउडस्पीकर की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने का सख्ती से पालन कराया जाएगा।


