रंधावा सुसाइड केस: इंसाफ की लड़ाई या सियासी घमासान? एक ही गाड़ी में सवार होकर राज्यपाल से मिलेगा विपक्ष

 अमृतसर में पंजाब वेयरहाउस कारपोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में सीबीआइ को जांच को लेकर विपक्षी दल अड़ गए हैं। मंगलवार को रंधावा के अंतिम संस्कार के मौके पर श्री दुर्ग्याणा तीर्थ स्थित शिवपुरी धाम में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया सहित सभी राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे।

एक दिन पहले सोमवार को यह मुद्दा लोकसभा में भी उठा था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी आश्वासन दिया था कि अगर पंजाब के सभी सांसद लिखकर देते हैं तो मामले की जांच सीबीआइ से करा सकते हैं। जाखड़ ने स्पष्ट किया है कि सीबीआइ जांच की मांग को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिलेगा। जाखड़ ने कहा कि इस मामले में पंजाब सरकार जिस तरह की ड्रामेबाजी कर रही है, उससे स्पष्ट है कि इस आप सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उन्होंने मंत्री से इस्तीफा लिया है, जबकि भुल्लर का कहना है कि उन्होंने खुद इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में गृह मंत्री द्वारा सीबीआइ जांच के संकेत न दिए जाते तो भुल्लर गिरफ्तार नहीं किए जाते, इसलिए आवश्यक है कि इस केस में परिवार को न्याय दिलाने के लिए सीबीआइ जांच हो। उधर, बाजवा ने कहा कि मामले की जांच किसी राष्ट्रीय एजेंसी से करवाई जानी चाहिए, क्योंकि पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और हर हाल में इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ी जाएगी। कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि अगर पंजाब सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो स्वतंत्र जांच से डर क्यों है। क्यों नहीं पंजाब सरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) से जांच करवाने को तैयार हो रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मामलों में न्याय देने और पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए। बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। रंधावा की मौत ने इनका सच सामने ला दिया है।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मंगलवार को मूनक में पंजाब बचाओ रैली के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मान रंधावा खुदकुशी मामले में सीबीआइ जांच की सिफारिश से बचने के लिए बहाने बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता था कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग फरीदकोट के एक व्यापारी से कथित फिरौती वसूली व आत्महत्या मामले से जुड़े थे, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मान व राजा वड़िंग आपस में मिले हुए हैं और दोस्ताना मैच खेल रहे हैं।

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