चांदन रेलवे स्टेशन : महिला और बुजुर्ग यात्री झेल रहे असुविधा, प्रशासन को उठाने होंगे कदम, कम से कम शौचालय तो बनवा दें

चांदन रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की कमी यात्रियों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। सबसे गंभीर समस्या शौचालय की अभावपूर्ण व्यवस्था है, जिससे खासकर महिला यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

महिला यात्रियों की मुश्किलें

ट्रेन का इंतजार करने के दौरान यात्रियों को लंबे समय तक स्टेशन पर रुकना पड़ता है, लेकिन शौचालय की कमी उन्हें असहज स्थिति में डालती है। महिला यात्रियों का कहना है कि यह समस्या और भी संवेदनशील है, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव प्रभावित हो रहा है। बुजुर्ग और बच्चों के लिए भी लंबे समय तक इंतजार करना मुश्किल हो रहा है।

वेटिंग हॉल में परेशानी

वेटिंग हॉल में आरपीएफ जवानों के कब्जे के कारण यात्रियों को वहां की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कई बार रेल प्रशासन को बताई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

  1. शौचालय की कमी से महिला यात्रियों को विशेष परेशानी।
  2. वेटिंग हॉल पर आरपीएफ का कब्जा, यात्री नहीं कर पा रहे उपयोग।
  3. 2012 से समस्या बरकरार, यात्री तत्काल समाधान की मांग कर रहे।

संवाद सूत्र, चांदन (बांका) चांदन रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की कमी यात्रियों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। सबसे गंभीर समस्या शौचालय की अभावपूर्ण व्यवस्था है, जिससे खासकर महिला यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

महिला यात्रियों की मुश्किलें

ट्रेन का इंतजार करने के दौरान यात्रियों को लंबे समय तक स्टेशन पर रुकना पड़ता है, लेकिन शौचालय की कमी उन्हें असहज स्थिति में डालती है। महिला यात्रियों का कहना है कि यह समस्या और भी संवेदनशील है, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव प्रभावित हो रहा है। बुजुर्ग और बच्चों के लिए भी लंबे समय तक इंतजार करना मुश्किल हो रहा है।

रेल प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्टेशन मास्टर राहुल कुमार ने बताया कि दिव्यांग यात्रियों के लिए एक शौचालय उपलब्ध है। अन्य यात्रियों के लिए व्यवस्था को लेकर विभाग को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि वेटिंग हॉल में शौचालय की सुविधा मौजूद है, लेकिन सुरक्षा कारणों से आरपीएफ जवानों के वहां रहने के कारण यात्रियों का उपयोग फिलहाल बंद है।

लंबे समय से समस्या बनी हुई

गौरतलब है कि वर्ष 2012 में स्टेशन का उद्घाटन होने के बावजूद आज तक यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यात्रियों ने रेल प्रशासन से तुरंत समाधान की मांग की है ताकि सभी यात्री, खासकर महिलाएं और बुजुर्ग, आराम से यात्रा कर सकें।

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