जान लें FASTag के ये 5 जरूरी नियम, नहीं तो एक गलती और देने पड़ जाएंगे डबल पैसे

Fastag अब भारत के सभी नेशनल हाईवे के लिए बहुत ही जरूरी हो गया है। यह एक स्टिकर की तरह होता है। इसमें RFID तकनीक होती है जिसमें टोल प्लाजा पर लगे स्कैनर अपने आप गाड़ी को पहचान लेते हैं और पैसे कट जाते हैं। ऐसे ही Fastag के बारे में हम आपको 5 जरूरी चीजों के बताएंगे जिसे हर किसी को जानना चाहिए।

बिना Fastag कितना पैसा लगेगा?

अगर आपकी गाड़ी पर FASTag नहीं लगा है और आप टोल पर पहुंचते हैं तो आपको ज्यादा पैसे देने होंगे। अगर आप कैश में टोल भरते हैं तो आपको 2 गुना चार्ज देना पड़ेगा। अगर आप UPI से पेमेंट करते हैं तो आपको नॉर्मल रेट का 1.25 गुना पैसे भरने होंगे।

टोल में 50% की छूट

जब Nationa Highway पर सड़क को चौड़ा करने या मरम्मत का काम चल रहा होता है तो इसके लिए भी खास नियम है। अगर रोड पर 2 लोन से चार या 6 लेन बनाने का काम चल रहा है तो काम पूरा होने तक आपको 50% टोल ही देना होगा। अगर उस रास्ते का टोल 50 रुपए है तो जब तक सड़क बन रही है तो आपको सिर्फ 25 रुपए ही देने होंगे।

शिकायत और मदद की सुविधा

किसी भी शिकायत के लिए आप सीधे 1033 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा Rajmargyatra ऐप के जरिए हाईवे पर एक साथी की तरह मदद ले सकते हैं। इससे आपको आसपास के पेट्रोल पंप, अस्पताल, EV चार्ज करने के स्टेशन, मौसम का ताजा हाल और टोल प्लाजा की जानकरी मिल सकती है।

देना पड़ेगा डबल जुर्माना

कई लोग अपनी गाड़ी के शीशे पर FASTag नहीं लगाते तो ऐसे लोगों के लिए NHAI के सख्त नियम हैं। अगर आपकी गाड़ी के सामने वाले शीशे पर अंदर की तरफ FASTag ठीक से नहीं चिपका तो आपसे दोगुना टोल टैक्स वसूला जाएगा। NHAI का मानना है कि टैन न चिपकाने की वजह से स्कैनर उसे रीड नहीं कर पाता जिससे टोल पर भीड़ लगती है और समय बर्बाद होता है।

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