काशी में जमा है अरबों के ‘रामनाम’ का धन, ब्‍याज में जमाकर्ताओं को मिलता है पुण्‍य, रामलला को काशी में भी अयोध्‍या का ही मान

 रामलला का वास अयोध्‍या में है, लेकिन जब वह काशी में अपने आराध्‍य भगवान शिव के निकट होते हैं, तो आस्था और परंपरा का मान कई गुना बढ़ जाता है। नवसंवत्‍सर का यह पल अब 99 वर्ष का हो चुका है। मेहरोत्रा परिवार इस अनोखे मंदिर का संचालन कर रहा है, जहां राम नाम का अरबों का खजाना भक्तों को आशीर्वाद के रूप में ब्‍याज में लौटाया जाता है।

लाल कपड़े में लिपटी पोथियों में भक्तों ने राम नाम का खजाना जमा कर रखा है। जो भक्त अब तक राम नाम का खाता नहीं खोल पाए हैं, उनके लिए यह रामनवमी एक अनोखा अवसर लेकर आती है। हर वर्ष हिंदू नववर्ष पर भक्त राम रमापति बैंक में अपना राम नाम का खाता खोलते हैं, जिसके लिए यहां आस्था का सागर उमड़ता है। भक्तों को खाता खोलने के लिए एक पुस्तिका भी दी जाती है, जिसे यम, संयम और नियम से भरकर जमा करना होता है। इसके बाद ब्‍याज के रूप में आशीर्वाद का पुण्‍य भक्तों को मिलता है।

रामनवमी पर नववर्ष का खाता खुलवाने के लिए इस बार राम रमापति बैंक में आस्थावानों की जुटान होने लगी है। बैंक का यह 99वां वार्षिकोत्सव 27 मार्च को मनाया जाएगा। इस अवसर पर बैंक में अब तक 19 अरब 52 करोड़ से अधिक राम नाम का धन जमा हो चुका है। इसे अनंतकोटि ब्रह्मांड प्रदक्षिणा के रूप में मान्यता मिली है।

भक्तों को इस धन की परिक्रमा कर पुण्‍य की प्राप्ति होगी। इस बैंक में भगवान राम के रामलला स्वरूप के चित्र की पूजा की मान्यता है। भक्त अपने भावों के अनुसार रामलला को भोग और खिलौने अर्पित करते हैं। ये खिलौने बच्चों में रामनवमी के अगले दिन वितरित किए जाते हैं, जो बच्चों के लिए रामलला का महत्वपूर्ण प्रसाद माना जाता है।

राम नवमी पर झांकी और परिक्रमा के साथ ही भक्तों को अनवरत भोग प्रसाद का वितरण कर श्रीराम जन्मोत्सव का आयोजन होगा। त्रिपुरा भैरवी, दशाश्वमेध घाट के पास काशी विश्वनाथ मंदिर के निकट इस आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रबंधक दास कृष्णचंद्र ने बताया कि बैंक का यह 99वां वार्षिकोत्सव है। इन दिनों साफ-सफाई के साथ ही अरबों राम नाम की गठरियों को सहेजने का क्रम चल रहा है। 27 मार्च को मंदिर में मुख्य आयोजन होगा।

इस अवसर पर भक्तों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें राम नाम की महिमा का गुणगान किया जाएगा। भक्तों को इस आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। राम नाम का यह खजाना केवल भक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में एकता और समर्पण का भी संदेश देता है।

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