मुंबई के मुलुंड स्टेशन पर शनिवार को एक पति ने अपनी पत्नी को तेज रफ्तार लोकल ट्रेन के सामने धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया।
आरोपी राजू गुप्ता (42) ने यह वारदात अपने 13 साल के छोटे बेटे के सामने की है। वह ये पूरी घटनाक्रम देखता रहा। हत्या के बाद राजू अपने बेटे के साथ सूरत भाग गया। फिर वहां से उसे सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, राजू गुप्ता पेशे से इलेक्ट्रीशियन था और उसकी पत्नी पुष्पा के साथ अक्सर झगड़े होते रहते थे। घरेलू कलह इतनी बढ़ गई थी कि पुष्पा ने 13 फरवरी को मुलुंड पुलिस थाने में राजू के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल (एनसी) शिकायत दर्ज कराई।
इसके कुछ दिन बाद वह अपने बड़े बेटे (15 साल) को लेकर उत्तर प्रदेश अपने पैतृक गांव चली गई। उसका इरादा मुंबई नहीं लौटने का था, क्योंकि बड़ा बेटा यूपी से ही कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा देने वाला था। छोटा बेटा राजू के साथ मुंबई में ही रह गया।
भाई ने सुलह कराई
कुछ समय बाद पुष्पा के भाई कमलेश कुमार छुट्टी पर घर आए। वह भारतीय सेना में जवान हैं। उन्होंने दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश की और पुष्पा और बड़े बेटे को वापस मुंबई ले आए। यह सब 14 मार्च को हुआ।
लेकिन मुंबई लौटने के बाद भी घर में कलह खत्म नहीं हुई। एक बार फिर झगड़ा होने पर पुष्पा ने राजू के खिलाफ दूसरी एनसी शिकायत दर्ज कराई और फैसला किया कि अब वह अपने भाई कमलेश और बड़े बेटे के साथ मुंबई छोड़कर चली जाएगी।
स्टेशन पर शुरू हुआ आखिरी झगड़ा
पुष्पा, कमलेश और बड़ा बेटा मुलुंड स्टेशन पहुंचे। उन्होंने कालवा में एक रिश्तेदार से मिलने के लिए लोकल ट्रेन का टिकट कटवाया। प्लेटफॉर्म पर कमलेश ने अपना बटुआ चेक किया तो पता चला कि उसकी एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और आर्मी आई-कार्ड गायब हैं।
उसने तुरंत राजू को फोन किया, तो राजू ने कबूल किया कि सारे कार्ड उसके पास हैं। कमलेश ने पुष्पा से स्टेशन पर रुकने को कहा और बड़े बेटे के साथ घर वापस कार्ड लेने लौट गया।
भाई और बेटे को घर में बंद किया
घर पहुंचते ही राजू और कमलेश के बीच जोरदार बहस छिड़ गई। बात हाथापाई तक पहुंच गई। राजू ने अपने छोटे बेटे की मदद से कमलेश और बड़े बेटे को कमरे में बंद कर दिया और खुद छोटे बेटे के साथ बाहर निकल गया।
कमलेश ने शोर मचाया तो पड़ोसियों ने दरवाजा खोलकर उन्हें बाहर निकाला। कमलेश सीधे मुलुंड पुलिस थाने पहुंचा और राजू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि उसने उसकी जरूरी दस्तावेज चुरा लिए हैं। पुलिस ने राजू को थाने बुलाया, लेकिन राजू ने फोन बंद कर दिया।
ट्रेन के सामने धक्का
इसी बीच राजू और उसका 13 साल का बेटा सीधे मुलुंड स्टेशन पहुंच गए। वहां उन्होंने पुष्पा को मनाने की कोशिश की कि वह मुंबई में ही रहे। लेकिन पुष्पा ने साफ कह दिया कि अब वह उत्पीड़न सहन नहीं कर सकती और तलाक चाहती है।
इस बात पर गुस्से में आकर राजू ने पुष्पा को कल्याण जाने वाली डाउन लोकल ट्रेन के सामने धकेल दिया। पुष्पा की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद राजू अपने छोटे बेटे के साथ वंगांव स्टेशन गया और वहां से ट्रेन पकड़कर सूरत भाग निकला।
सूरत से हुई गिरफ्तारी
GRP की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए राजू को सूरत से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि छोटा बेटा भी आरोपी के साथ था और उसने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी। मामले की जांच जारी है।


