रायबरेली में 70 लाख के खजूर खा गए रोजेदार, 10 फीसद बढ़ी बिक्री

रमजान में इफ्तार के समय रोजेदार खजूर का उपयोग करते हैं। यही कारण है कि आम दिनों के मुकाबले इस माह में खजूर की बिक्री भी कई गुणा बढ़ जाती है। खजूर व्यापारियों के अनुसार इस बार रमजान में अब तक करीब 70 लाख रुपये के खजूरों की बिक्री हुई है, जो कि बीते वर्ष के मुकाबले करीब 10 से 15 फीसद बढ़ी है। इनमें सऊदी का कलमी व ईरान का कीमिया खजूर की मांग अधिक रही।

ज्यादातर रोजेदार इफ्तार में सबसे पहले खजूर खाना पसंद करते हैं। सहरी में भी लोग खजूर का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि ये फल न सिर्फ स्वाद और सेहत के लिहाज से बेहतर है, बल्कि ऊर्जा देने के साथ ही पाचन पंत्र, ह्दय आदि के लिए भी फायदेमंद है। हर बार की तरह इस बार भी बाजार में दुबई का अजवा, फर्द, मबरुम, सफावी, कलमी, सुकरी, तुनेशिया का डाल वाला खजूर, फिलीस्तीन का मेडजोल, ईरान का कीमिया खजूर उपलब्ध है।

व्यापारी इरफान, कलीम खान, आनंद आदि ने बताया कि बाजार में तरह तरह की वैरायटी में 200 रुपये से लेकर 2000 रुपये प्रति किलो की कीमत में खजूर बिक रहे हैं। वैसे तो सभी खजूर अच्छे हैं, लेकिन इनमें मुलायम होने के कारण कीमिया, कलमी व सुकरी की मांग अधिक है।

व्यापारियों का कहना है कि आम दिनों की तुलना में रमजान में खजूर की बिक्री में कई गुणा बढ़ जाती है। व्यापारियों के मुताबिक बीते वर्ष तकरीबन 60 लाख रुपये की बिक्री हुई थी, लेकिन बाजार व्यापार थोड़ा बेहतर हुआ है।

बेकरी आइटम की भी बढ़ी मांग
रमजान में सहरी के समय बड़ी संख्या में लोग सूतफेनी, बन-ब्रेड जैसे बेकरी आइटम खाना पसंद करते हैं। इसी के चलते रमजान में इनकी मांग भी काफी बढ़ जाती है। इफ्तार के बाद देर शाम से लोगों को इनकी खरीदारी के लिए बाजार आना शुरू हो जाता है। जिसके चलते बाजारों में इन दिनों देर रात तक चहल पहल बनी रहती है।

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