किशनगंज में पांच नए पुलों का होगा निर्माण, सर्वे शुरू; ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत
ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ठाकुरगंज एवं दिघलबैंक प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों में पुल निर्माण की पहल हो रही है।
विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल द्वारा मुख्यमंत्री को आवेदन सौंपा गया था, जिस पर विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। रविवार को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की अभियंता टीम पत्र में उल्लेखित 05 स्थानों पर हाई लेबल ब्रिज निर्माण कार्य को लेकर सर्वे कार्य किया गया। इसके उपरांत डीपीआर तैयार कर निविदा कार्य शुरू किया जाएगा।
विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गत 13 जनवरी 2026 को दिए गए अपने आवेदन में उल्लेख किया था कि क्षेत्र की कई नदियों एवं जलधाराओं पर पुल नहीं होने के कारण हजारों ग्रामीणों को दैनिक आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि विपणन तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
पांच प्रमुख स्थलों को दर्शाया गया
आवेदन में पांच प्रमुख स्थलों पर पुल निर्माण की आवश्यकता दर्शाई गई है, जिनमें दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत सिंघीमारी से डाकूपाड़ा के बीच पलसा कनकई नदी, ठाकुरगंज प्रखंड के बंदरझूला पंचायत में कडूभिट्ठा से बारोभांग के बीच बूढ़ी कनकई नदी, कुकुरबाधी पंचायत में ढेमालगच्छ से बासनडूबी के बीच चेंगा नदी, भरमडांगी से चनाबाड़ी के बीच सोनमती नदी तथा सखुआडाली पंचायत के टेमोर आदिवासी टोला से कुटकुडांगी विद्यालय के बीच टैमोर नदी पर पुल निर्माण शामिल है।
इन पुलों के निर्माण से ठाकुरगंज, दिघलबैंक और टेढ़ागाछ प्रखंड के बीच आवागमन सुगम होने के साथ-साथ आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लोगों एवं विद्यार्थियों को भी सुरक्षित रास्ता उपलब्ध हो सकेगा।
इस मामले पर मुख्यमंत्री सचिवालय के सीएम ई-डैशबोर्ड पोर्टल (क्यूआर कोड-2026002140) के माध्यम से कार्रवाई करते हुए पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के मुख्य अभियंता (अनुश्रवण) द्वारा पथ निर्माण विभाग (सीमांचल) के मुख्य अभियंता को पत्र भेजा गया है।
पत्र में विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल के आवेदन को संलग्न करते हुए आवश्यक कार्रवाई कर शीघ्र अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, इसे शीर्ष प्राथमिकता देने का भी अनुरोध किया गया है।
इस पर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अभियंता संजय कुमार यादव के नेतृत्व में सर्वे टीम ने सभी पुल निर्माण कार्य स्थलों में पहुंच कर प्रस्तावित पुल की लंबाई, एप्रोच सड़क तथा पुल प्रोटेक्शन का मापी लेते हुए नजरी नक्शा बनाया गया।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो इस वित्तीय वर्ष में ही उपरोक्त नदियों पर पुल निर्माण कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।


