बंगाल में ‘युवा साथी’ योजना के लिए आज से होगा आवेदन, सुवेंदु ने बताया चुनावी छलावा

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 बंगाल में विधानसभा चुनावों की आहट के बीच बेरोजगारी के मुद्दे पर राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के बीच वार-पलटवार तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता

आवेदन के लिए आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और बैंक विवरण जैसे दस्तावेज अनिवार्य हैं। हालांकि, सरकारी या निजी क्षेत्र में कार्यरत लोग और ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थी इसके पात्र नहीं होंगे।

नेता प्रतिपक्ष ने मंशा पर उठाया सवाल

दूसरी ओर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस योजना को लेकर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में 2.15 करोड़ बेरोजगार हैं और एक करोड़ लोग काम की तलाश में पलायन कर चुके हैं।

सुवेंदु ने 2013 की ‘युवाश्री’ योजना का हवाला देते हुए कहा कि तब 17 लाख आवेदकों में से केवल एक लाख को ही लाभ मिला था। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि उन शेष 16 लाख आवेदकों की स्थिति पर सरकार ‘श्वेत पत्र’ जारी करे। उन्होंने कहा कि 2013 में आठवीं पास को भत्ता देने का नाम ठगा गया और अब दसवीं पास को ठगा जा रहा है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने छह लाख सरकारी पद खत्म कर दिए हैं और 10 लाख रिक्तियों को भरा नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1500 रुपये का भत्ता युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जबकि उन्हें स्थायी रोजगार की आवश्यकता है।

बनर्जी द्वारा बजट में घोषित ‘युवा साथी’ योजना रविवार से जमीन पर उतरने जा रही है, जिसे लेकर प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है।

राज्य सरकार के अनुसार, 21 से 40 वर्ष की आयु के दसवीं पास बेरोजगार युवक-युवतियों को इस योजना के तहत 1500 मासिक बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। यह लाभ अधिकतम पांच वर्षों तक या रोजगार मिलने तक जारी रहेगा। इसके लिए राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, जो 26 फरवरी तक चलेंगे।

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