प्रोफेसर अली खान महमूदबाद के खिलाफ चल रहे मामले को क्यों किया बंद? हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

 हरियाणा सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने एक बार उदारता दिखाते हुए अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदबाद के खिलाफ चल रहे मामले को बंद करने का फैसला किया है। अली खान महमूदबाद पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट के लिए मामला दर्ज किया गया था।

हरियाणा की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ को बताया कि उन्होंने प्रोफेसर महमूदबाद पर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी है।

‘लंबित कार्यवाही खत्म मानी जाएगी’

राजू ने पीठ से कहा, “एक बार उदारता दिखाते हुए हमने इस मामले को बंद कर दिया है और मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।” वहीं, बेंच ने यह नोट किया कि चूंकि राज्य ने महमूदाबाद पर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी है, इसलिए संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष लंबित कार्यवाही समाप्त मानी जाएगी।

6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस आदेश को आगे बढ़ा दिया, जिसमें निचली अदालत को हरियाणा एसआईटी द्वारा महमूदबाद के खिलाफ एफआईआर में दायर चार्जशीट का संज्ञान लेने से रोका गया था। अदालत ने यह आदेश तब पारित किया, जब राजू ने उसे सूचित किया कि अगस्त 2025 में आरोप-पत्र दाखिल किए जाने के बावजूद, हरियाणा सरकार द्वारा अब तक कोई मंजूरी नहीं दी गई है।

18 मई को किया गया था गिरफ्तार

हरियाणा पुलिस ने 18 मई को महमूदबाद को तब गिरफ्तार किया, जब उसके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। आरोप लगाया गया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर उनकी विवादित सोशल मीडिया पोस्ट्स ने देश की संप्रभुता और अखंडता को खतरे में डाल दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *