सीएचसी विक्रमजोत में एएनएम से एरियर बिल का भुगतान करने के मामले में 45,000 रुपये रिश्वत लेने के आरोपित प्रधान लिपिक को छावनी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके पूर्व पुलिस ने संबंधित एएनम की तहरीर पर सीएचसी के प्रधान लिपिक पर मुकदमा दर्ज किया था।
मामले में रिश्वत लेने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा प्रकरण का संज्ञान लेने के बाद आरोपित प्रधान लिपिक को निलंबित कर दिया गया था।
पैकोलिया थाना क्षेत्र के भैरोपुर गांव की सुनीता वर्मा विक्रमजोत सीएचसी पर एएनएम के पद पर तैनात हैं। उनकी नियुक्ति वर्ष 2015 में हुई थी। पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने बताया कि उनके बैच के लोगों ने उच्च न्यायालय में मूल वेतन संशोधन के लिए रिट याचिका दाखिल की थी।
इसमें न्यायालय द्वारा वेतनमान संशोधन करने का आदेश पारित हुआ था। इस आदेश के अनुपालन में उनके बैच के याचिका कर्ताओं में लगभग सभी का वेतन एरियर भुगतान किया जा चुका है,मगर काफी प्रयास के बाद भी उनके एरियर का भुगतान नहीं किया गया। एरियर भुगतान करने की जिम्मेदारी सीएचसी विक्रमजोत के प्रधान लिपिक प्रदीप श्रीवास्तव की है।
आरोप लगाया कि प्रधान लिपिक एरियर भुगतान के लिए लगातार पैसे की मांग कर रहे थे। उनका साफ कहना था कि बिल बनाने के लिए पहले रुपये दो, उसके बाद एरियर भुगतान होने के बाद उसका 10 प्रतिशत देना पड़ेगा। उनके अनुनय विनय का भी कोई असर नहीं हुआ। अंतत: उन्होंने प्रधान लिपिक को 45000 रुपया दिया। इसके बाद भी जब उन्होंने बिल नहीं बनाया।
आरोप है कि इसके बाद भी प्रधान लिपिक ने और रुपये की मांग की। इसी रुपये के लेनदेन का वीडियो एएनएम के साथ आए एक युवक ने बना लिया था। प्रकरण इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने व उप मुख्यमंत्री के संज्ञान में लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग जागा।


