मेडिकल कालेज को आग से बचाव के लिए आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके लिए तीन करोड़ 88 लाख रुपये खर्च किए जा रहे है। इस सिस्टम से एक ही स्थान से आग लगने की घटनाओं पर नजर भी रखी जा सकेगी। इसके अलावा मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए तमाम अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराने पर जोर दिया जा रहा है।
जिला अस्पताल से मेडिकल कालेज का दर्जा मिलने के बाद भी यहां लंबे समय से फायर एनओसी नहीं थी। जबकि आग लगने की कई घटनाएं यहां हो चुकी थी। इसके अलावा लखनऊ, बरेली समेत कई अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में भी आग लगने से जनहानि होने की घटनाएं हो चुकी थी।
अभी तक सिर्फ छोटे सिलिंडरों पर निर्भरता था। आग लगने की बढ़ती घटनाओं को देख यहां के मेडिकल कालेज प्रशासन ने आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा था। बजट मिलने के बाद कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल ने यहां तेजी से काम भी शुरू करा दिया।
आटोमेटिक स्मोक डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम पैनल सहित लगाया जा रहा है। इस सिस्टम से सभी वार्डों पर नजर रखी जा सकेगी। जहां भी आग लगेगी या फिर धुआं निकलेगा तो इस सिस्टम में लाइट जलने के साथ ही सायरन बजेगा। इसके बाद आग लगने वाले स्थान पर लगे फायर सिस्टम को चालू कर आग को बुझाया जा सकेगा। इससे नुकसान कम होगा।
साथ ही इससे समय की भी बचत होगी। मेडिकल कालेज में स्प्रिंकलर, अलर्ट माइक, सेंसर आदि भी लगाया जा रहा है। यह सिस्टम मेडिकल के सभी वार्ड, ट्राामा सेंटर, इमरजेंसी, आपरेशन थिएटर, आइसीयू, ब्लड बैंक, पैथालाजी ओपीडी आदि स्थानों पर लगाया जा रहा है।अभी तक करीब 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
अन्य वार्डों में भी कराया जा रहा काम
मेडिकल कालेज प्रशासन को 50 लाख रुपये वार्डों से लेकर अन्य स्थानों पर मरम्मत कार्य कराने के लिए भी मिला है। जिस पर तेजी से काम कराया जा रहा है। ताकि मरीजों से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


