दिल्ली की झुग्गी से निकलकर ऑस्ट्रेलिया पहुंची नैंसी, मेलबर्न यूनिवर्सिटी से कर रही ग्रेजुएशन

 पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी स्थित झुग्गी बस्ती की छात्रा नैंसी ने ऑस्ट्रेलिया में स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति हासिल की है।

ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन में उनकी इस यात्रा की सराहना की। साथ ही ‘यूनिवर्सिटीज ऑस्ट्रेलिया साल्यूशंस समिट 2026’ में भी आमंत्रित किया।

झुग्गी से निकलकर ऑस्ट्रेलिया पहुंची नैंसी

दिल्ली की पीरागढ़ी झुग्गी में कठिन परिस्थितियों में पली 22 वर्षीय ने संघर्षों को पार कर बड़ी सफलता हासिल की। आर्थिक तंगी और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने 12वीं में 85.2 प्रतिशत अंक हासिल किए, दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और अब ऑस्ट्रेलिया की मेलबर्न यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस में स्नातकोत्तर कर रही हैं।

22 साल की नैंसी का जन्म उप्र के एक गांव में हुआ था। परिवार के पास छोटी जमीन थी, जिससे मुश्किल से गुजारा होता था। बीमारी में इलाज के लिए पैसे नहीं होते थे। बढ़ती आर्थिक परेशानी के कारण माता-पिता ने गांव छोड़कर दिल्ली आने का फैसला किया। उस समय नैंसी पांच साल की थी।

दिल्ली आने के बाद पीरागढ़ी झुग्गी बस्ती में छोटा कमरा मिला। बारिश होती तो पानी कमरे में भर जाता और बिस्तर भीग जाते। पिता मिस्त्री थे और मां घरों में काम करती थीं।

कभी पीरागढ़ी की झुग्गी में प्लास्टिक की चादरों और टीन की छत के नीचे बैठकर पढ़ने वाली नैंसी ने शायद ही सोचा होगा कि एक दिन वही पढ़ाई उसे दुनिया के दूसरे छोर तक ले जाएगी।

जिस लड़की का बचपन तंग गलियों, पानी से भर जाने वाले कमरे और रोजमर्रा की चिंताओं के बीच बीता, वही आज ऑस्ट्रेलिया की मेलबर्न यूनिवर्सिटी में मास्टर्स की पढ़ाई कर रही हैं। वह प्रोफेसर बनना चाहती हैं।

PhD करना चाहती हैं नैंसी

एक दिन नैंसी की मुलाकात झुग्गी बस्तियों में शिक्षा, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध करवाने वाली संस्था आशा की संस्थापक सदस्य डॉ. किरण मार्टिन से हुई।

डॉ. किरण मार्टिन ने नैंसी को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। नैंसी ने ई-अकाउंटिंग का कोर्स किया और 6.5 बैंड स्कोर हासिल किया। जल्द ही उन्हें मेलबर्न यूनिवर्सिटी में मास्टर इंटरनेशनल रिलेशंस के लिए चुन लिया गया।

इसी साल की शुरुआत में नैंसी मेलबर्न पहुंची। वहां उन्हें ऑस्ट्रेलिया के एजुकेशन मिनिस्टर जेसन क्लेयर से मिलने का मौका मिला और समिट में हिस्सा लिया। नैंसी आगे चलकर पीएचडी करना चाहती है। उससे प्रेरणा लेकर छोटे भाई-बहन भी पढ़ाई कर रहे हैं।

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