इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले के बाद अब ग्वालियर में भी पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। शहर के मानपुर फेज-वन स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के ब्लॉक-52 की पानी की टंकी में मरी हुई छिपकली मिलने से रहवासियों में हड़कंप मच गया। लोगों को आशंका है कि इसी टंकी से फ्लैटों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही थी।
ऐसे खुला मामला
गुरुवार को ब्लॉक-52 की मल्टीस्टोरी इमारत की टंकी का पानी खत्म हो गया, जिससे फ्लैटों में सप्लाई बंद हो गई। इसके बाद कुछ रहवासी टंकी की जांच करने पहुंचे। जब उन्होंने टंकी के अंदर देखा तो पानी नहीं था, लेकिन उसमें एक मरी हुई छिपकली पड़ी दिखाई दी। यह दृश्य देखते ही लोगों में आक्रोश फैल गया और पूरे ब्लॉक में हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
निगम अधिकारियों से की शिकायत
मामला सामने आने के बाद रहवासियों ने नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि पीएम आवास योजना में सफाई और रखरखाव को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जबकि यहां रहने वाले लोगों से नगर निगम पहले ही दो साल का मेंटेनेंस शुल्क अग्रिम रूप से ले चुका है।
दो साल से नहीं हुई टंकियों की सफाई
रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम ने आवासों की सफाई, सुरक्षा और रखरखाव का जिम्मा एक ठेकेदार को सौंप रखा है, लेकिन पिछले दो वर्षों से पानी की टंकियों की सफाई नहीं कराई गई। इसके अलावा परिसर की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी लगातार अनदेखी की जा रही है।
करीब छह हजार लोग रहते हैं परिसर में
मानपुर फेज-वन में लगभग 1300 आवास बनाए गए हैं, जहां करीब छह हजार लोग रह रहे हैं। ऐसे बड़े आवासीय परिसर में पानी की टंकियों की नियमित सफाई न होना लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
भागीरथपुरा घटना के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद नगर निगम ने शहर की कई पानी की टंकियों की सफाई कराई थी। हालांकि आरोप है कि पीएम आवास योजना की बहुमंजिला इमारतों की टंकियां इस अभियान से बाहर रह गईं, जिससे अब यह लापरवाही उजागर हुई है।


