केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को नया LG नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
वीके सक्सेना का कार्यकाल राजधानी के प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास में अत्यंत सक्रिय और चर्चाओं से भरा रहा। 26 मई 2022 को कार्यभार संभालने के बाद से अब तक (मार्च 2026 तक) के उनके पौने चार साल के कार्यकाल को ‘सक्रिय हस्तक्षेप’ और ‘बुनियादी सुधारों’ के लिए जाना जाता है।
कौन हैं विनय कुमार सक्सेना?
उपराज्यपाल से पहले विनय कुमार सक्सेना भारत में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष थे। 23 मार्च 1958 को जन्मे विनय कुमार सक्सेना कानपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। सक्सेना ने जेके ग्रुप के साथ धोलर पोर्ट प्रोजेक्ट के निदेशक का महत्वपूर्ण पद भी संभाला है। नए उपराज्यपाल व्यापक रूप से प्रशंसित एनजीओ-एनसीसीएल (नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज) के संस्थापक-अध्यक्ष भी हैं।
दिल्ली में इन क्षेत्रों में किया सक्सेना ने विशेष रूप से कार्य
- यमुना सफाई अभियान: ‘हाई-लेवल कमेटी’ के माध्यम से नालों की सफाई और कचरा प्रबंधन पर जोर दिया।
- बांसेरा : दिल्ली को पहला ‘बंबू थीम पार्क’ मिला, जो कूड़े और मलबे के ढेर वाली जगह को एक सुंदर पर्यटन स्थल में बदलने का उदाहरण बना। असिता और वासुदेव घाट भी उनके विजन का ही परिणाम है। इसके अमृत बायोडायवर्सिटी पार्क, यमुना वाटिका, नरेला उप नगरी के उत्थान और डीडीए के फ्लैटों की बिक्री को फिर से एक नया आयाम देना भी उन्हीं की देन है।
- लैंडफिल साइट : गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के कूड़े के पहाड़ों की ऊंचाई कम करने के लिए समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित किए।
- सड़क सुधार: मार्च 2026 तक लगभग 400 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास और सुंदरीकरण का लक्ष्य रखा गया।
प्रशासनिक सुधार और पारदर्शी शासन
उन्होंने दिल्ली के प्रशासन में जवाबदेही तय करने के लिए कई कड़े कदम उठाए। ई-आफिस का क्रियान्वयन: सरकारी कामकाज में पारदर्शिता के लिए सभी कार्यालयों को डिजिटल किया गया। कई प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए और सेवा नियमों को सख्ती से लागू किया।


