बलिया में ईंट-भट्ठे के लिए खोदे गए गड्ढे में मिला था मोर्टार, आजमगढ़ से पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने खड़े किए हाथ

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 बांसडीह-मनियर मार्ग पर गंगापुर गांव में मंगलवार शाम को ईंट-भट्ठे के लिए खोदे गए गड्ढे में मछली मार रहे बच्चों को मोर्टार बम मिला। मोर्टार पर बने चांद-सितारे का निशान और प्रतीकों के आधार पर मामला संदिग्ध हो गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हालांक‍ि सेना के ही अध‍िकार क्षेत्र का यह मामला है मगर सेना से जुड़े व‍िशेषज्ञों का जांच से अभी तक जुड़ाव न हो पाने की वजह से प्रकरण की जानकारी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है।

मौके पर पहुंची मनियर पुलिस ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद मंगलवार देर रात आजमगढ़ से पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने मोर्टार को पानी भरे बाल्टी में रखने के साथ उच्च तापमान से बचाने के लिए विशेष कवच में उसे सुरक्षित रख लिया है। हालांकि टीम के पास हाई लेवल डिफेंस एम्यूनिशन को खोलने के लिए इंस्ट्रूमेंट न होने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे बाराबंकी से टीम दूसरी बुलाई जा रही है। बुधवार शाम तक टीम के बलिया पहुंचने की संभावना है।

प्राथमिक जांच में मोर्टार पर ‘ODR 11.06’, ‘सर्कल में 204A’ और ‘51 MM M ILLG’ जैसे चिह्न अंकित मिले हैं। इसके साथ ही उस पर चांद-सितारे का निशान भी देखा गया। डीआइजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह भी बुधवार दोपहर बलिया पहुंचे और अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। डीआइजी ने बताया कि अभी मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल मोर्टार को सुरक्षित स्थान पर रखकर निगरानी की जा रही है। टीम के मुताबिक यह मोर्टार कहां से आया और कितना पुराना है इसकी जांच की जा रही है।

मोर्टार पर दर्ज सूचना के अनुसार ILLG (Illuminating / इल्यूमिनेटिंग) यह इस बम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो इसके प्रकार (Type) को बताता है। ILLG का अर्थ है Illuminating (प्रकाश उत्पन्न करने वाला)। इस बम का इस्तेमाल दुश्मन को मारने के लिए नहीं, बल्कि रात के समय युद्ध के मैदान में रोशनी करने के लिए किया जाता है। जब इसे दागा जाता है, तो यह हवा में जाकर एक पैराशूट के जरिए नीचे गिरता है और जलते हुए तेज रोशनी पैदा करता है ताकि रात में दुश्मन की हलचल देखी जा सके।

वहीं मोर्टार बम या गोला-बारूद के संदर्भ में ओडीआर (ODR) का सीधा और सामान्य अर्थ “ऑर्डर” (Order) से होता है, जो उस बैच या लॉट को दर्शाता है जिससे वह गोला बनाया गया है। यह गोला-बारूद के निर्माण, ट्रैकिंग और प्रबंधन के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है। यह बम के उत्पादन बैच (Lot Number) को इंगित करता है, जो गुणवत्ता नियंत्रण और ट्रैकिंग के लिए महत्वपूर्ण है। यह बम के प्रकार या चार्ज (Charge) स्तर को इंगित कर सकता है, जो मोर्टार के प्रदर्शन (दूरी/मारक क्षमता) से जुड़ा होता है। मोर्टार बम पर मार्किंग (जैसे ODR, LOT, YEAR) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फायरिंग के समय सही प्रकार के गोला-बारूद का उपयोग किया जा रहा है और सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है।

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