अविका होटल में मौत के घाट उतारी गई महिला अर्चिता अरोड़ा की हैरतअंगेज सच्चाई सामने आई। तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली नाजुमुदिनोवा गुलनारा सुनातोवना ने बताया कि अर्चिता अरोड़ा उनकी बेटी नाजमुदिनोवा मोहब्बत सुनातोवना है, जो 15 साल पहले नौकरी करने के लिए भारत आई थी।
उसका वीजा छीनकर अंबाला और दिल्ली से अर्चिता अरोड़ा के नाम से आधार कार्ड जारी किराए गए थे। माना जा रहा है कि महिला यहां पर आकर जिस्मफरोशी का काम करने लगी थी। यदि पुलिस इसकी गहनता से जांच करती तो शुरू में ही मोहब्बत के परिवार का पता चल जाता.
21 फरवरी को मवाना खुर्द हाईवे पर भगवती फार्म हाउस के पास एक महिला का शव मिला था। चेहरे पर तेजाब डालकर शव की पहचान मिटा दी गई थी। फार्म हाउस के सीसीटीवी में एक क्रेटा कार का नंबर कैद हुआ। इसी कार में शव लाकर यहां फेंका गया था। यह कार प्रभात नगर निवासी संदीप उर्फ सिट्टू उर्फ राहुल के नाम पर पंजीकृत है।
संदीप परतापुर के रिठानी में स्थित अविका होटल में काम करता है। होटल के मालिक न्यू देवपुरी के चंचल कुमार उर्फ बंटी, बागपत के गांव जौहड़ी के कर्मचारी गुरमुख उर्फ अरविंद और मलियाना के विवेक उर्फ काका को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
उन्होंने बताया कि महिला दिल्ली के लोधी रोड स्थित कोटला मुबारकपुर से होटल में आई थी। अर्चिता के आधार कार्ड पर उसने रूम बुक किया था। पहले उसके आधार कार्ड पर अंबाला का पता था। उसके बाद दिल्ली का बदलवा दिया गया।
जांच में सामने आया था कि 20 फरवरी की रात को कमरे के किराए को लेकर हुए विवाद के चलते उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या करने वाले चारों आरोपितों को जेल भेज दिया। लेकिन अर्चिता के बारे में जानकारी तक नहीं की.
ऐसे मोहब्बत की असली पहचान तक पहुंची पुलिस
अर्चिता के मोबाइल काल डिटेल से सामने आया कि चंडीगढ़ में रहने वाली एलीना से उसकी बात होती थी। पुलिस ने एलीना को शव की फोटो भेजी। उसने शव देखकर मोहब्बत नाम बताया। एलीना ने उसकी मां नाजमुदिनोवा गुलनारा सुनातोवना को फोटो भेजी।
मां ने भी ईयरिंग, ब्लैकटाप और शरीर पर बने टेटू के आधार पर पहचान कर ली। साथ ही अर्चिता अरोड़ा के नाम से बने आधार कार्ड पर भी मोहब्बत का फोटो लगा था। तभी गुलनारा ने भारत में रहने वाली अपनी दोस्त उज्बेकिस्तान की रहने वाली कलिचेवा अजीजा फैजुलेवना से बातचीत की।


