दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड में ब्राह्मण काउंसिल ऑफ इंडिया की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक संरक्षण और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित बिल को लेकर चिंता व्यक्त की गई और इसे सवर्ण वर्ग को अलग-थलग करने का प्रयास बताया गया।
प्रखंड के ग्राम डुमरी स्थित मदन चौधरी के आवासीय परिसर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष सोहन चौधरी ने की। कार्यक्रम में जिला संरक्षक रामकुमार मिश्र सहित कई पदाधिकारी और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जिला संरक्षक रामकुमार मिश्र ने कहा कि ब्राह्मण समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करते हुए सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज तभी मजबूत होगा जब सभी लोग एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे।
यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित विधेयक पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी वर्ग को अलग-थलग करने की कोशिश होती है तो इससे सामाजिक विभाजन बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की।
नव भारत युवा सामाजिक संगठन के अध्यक्ष कमलेश राय ने समाज में आपसी सहयोग और सहभागिता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि सुख-दुख में साथ खड़े रहने से ही संगठन मजबूत होता है। साथ ही नई पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने पर बल दिया।
जिला उपाध्यक्ष पवन राय ने कहा कि देश की प्रगति योग्यता के आधार पर ही संभव है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में योग्यता की उपेक्षा हो रही है। वहीं कौशल झा ने न्याय को जातिगत आधार पर विभाजित करने पर सवाल उठाते हुए इसे उचित नहीं बताया।


