उत्तर भारत में सर्दी के बीच नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, पहाड़ों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना

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नई दिल्ली: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है, जो आगामी दिनों में कई राज्यों में मौसम की कठिन परिस्थितियों का कारण बनेगा। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार यह विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा और इससे पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना है।

विशेष रूप से, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 31 जनवरी से 2 फरवरी तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान है। IMD ने चेतावनी दी है कि 1 फरवरी को कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी और बारिश का दौर भी शुरू होने की संभावना है।

पहाड़ों पर बर्फ की यह चादर न केवल स्थानीय लोगों के जीवन और यातायात को प्रभावित कर सकती है, बल्कि पर्यटन क्षेत्रों में भी मुश्किलें खड़ी कर सकती है। वहीं, मैदानी इलाकों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जो तापमान में थोड़ी गिरावट ला सकती है और ठंड को और बढ़ा सकती है।

मौसम विभाग ने नागरिकों और यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए आवश्यक सावधानी और मौसम अपडेट पर ध्यान देना जरूरी है। पहाड़ी मार्गों पर बर्फबारी के कारण कई स्थानों पर यातायात धीमा हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह पश्चिमी विक्षोभ सर्दियों के मौसम में आम हैं, लेकिन इसकी तीव्रता और सक्रियता के कारण स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड में रहना पड़ सकता है। हिमालयी क्षेत्रों में यह बर्फबारी न केवल पानी के भंडार के लिए जरूरी है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में जीवन और कृषि पर भी असर डाल सकती है।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश का असर तापमान पर दिख सकता है। आमतौर पर इस समय उत्तर भारत में तापमान काफी गिरा होता है, और इस बारिश से ठंड और बढ़ सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि लोग विशेष रूप से सुबह और रात के समय ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े और आवश्यक सावधानी अपनाएं।

इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले 2-3 दिन उत्तर भारत के मौसम में अस्थिरता बनी रह सकती है। IMD लगातार अपडेट जारी कर रहा है, और नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी नियमित रूप से प्राप्त करें।

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