राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में रविवार को राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने नई परिसर प्रणाली के खिलाफ आवाज बुलंद की। संघ ने 23 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना को प्राथमिक शिक्षा और शिक्षकों के हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
जिला शिमला के सभी 21 खंडों की कार्यकारिणी और बड़ी संख्या में शिक्षक इस आग्रह रैली में शामिल हुए। शिक्षकों ने जिला उपायुक्त शिमला के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा और अधिसूचना को शीघ्र वापस लेने की मांग दोहराई है।
शिक्षा का अलग ढांचा कमजोर होगा
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मनोज नेगी ने कहा कि कि नई परिसर प्रणाली के तहत प्राथमिक शिक्षा का प्रशासनिक नियंत्रण प्रिंसिपल के अधीन किए जाने से प्राथमिक शिक्षा का अलग ढांचा कमजोर होगा।
प्राथमिक शिक्षकों के हितों पर सीधा प्रहार
संघ का कहना है कि वर्ष 1984 से प्राथमिक शिक्षा का स्वतंत्र ढांचा प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है और हाल के वर्षों में प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन भी किया है। उन्होंने कहा कि 23 सितंबर 2025 को जारी नई परिसर प्रणाली की अधिसूचना प्राथमिक शिक्षकों के हितों पर सीधा प्रहार है।
अन्यथा होगा राज्यव्यापी उग्र आंदोलन
प्राथमिक शिक्षा का अलग प्रशासनिक ढांचा ही प्रदेश की बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियों की आधारशिला रहा है। मनोज नेगी ने सरकार से अपील की कि शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस अधिसूचना को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए, अन्यथा संघ राज्यव्यापी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।


