वॉर्ड नम्बर 3 (भट्टागाँव) के पार्षद ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर करारा तमाचा जड़ा है। पार्षद ने टूटी नाली की मरम्मत कराने के लिए कई बार पत्र लिखे, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने जेब से पैसा खर्च कर नाली का निर्माण करा दिया।
इसके बाद नगर निगम को चिट्ठी लिखकर पार्षद ने उलाहना भी दिया। कहा- ‘कई और छोटे-छोटे काम के लिए अनेक बार शिकायती पत्र दे चुके हैं, यदि नगर निगम इन कार्यों को नहीं करा सकती है तो जनता से चन्दा कर कार्यों को कराऊँगा।’ पार्षद की यह चिट्ठी अब विभाग में सुर्खियाँ बन गई है।
नगर निगम ने पिछले दिनों खूब काम कराए, और इस तरह कराए कि काफी बजट खर्च हो गया। अब स्थिति ऐसी बन गई है कि लगभग 40 करोड़ रुपये के बिल फँस गए। उधारी का बोझ बढ़ने पर नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने नए प्रस्तावों का सत्यापन कराते हुए बहुत आवश्यक कार्यों को कराने की रणनीति बनाई, और यही कारण है कि विकास कार्य की रफ्तार धीमी पड़ गई।
उधर, पार्षदों द्वारा लगातार प्रस्ताव दिए जाते रहे, लेकिन काम नहीं होने से उन पर जनता का दबाव बढ़ने लगा। पार्षदों द्वारा लगातार इसकी शिकायत की जा रही है। शनिवार को वॉर्ड 3 भट्टागाँव के पार्षद अमित राय द्वारा नगर निगम को लिखी गई एक चिट्ठी ने खासी खलबली मचा दी है। पार्षद ने बताया कि वॉर्ड की क्षतिग्रस्त पुलिया व नाली का निर्माण कराने के लिए कई बार शिकायत की।
नगर आयुक्त को भी वॉट्सऐप पर स्थिति की तस्वीर भेजकर मरम्मत कराने की माँग की, लेकिन नगर निगम ने कोई ध्यान नहीं दिया। आखिर उन्हें जेब से 50 हजार रुपए खर्च करते हुए नाली का निर्माण कराना पड़ा है। पार्षद ने बताया कि वॉर्ड में कुछ और मरम्मत के काम होने हैं, और इसके लिए लगातार चिट्ठियाँ लिखी जा रही हैं, लेकिन नगर निगम कार्य नहीं करा रही है।
यदि काम कराया जाना सम्भव नहीं है तो वह जनता से चन्दा कर या अपनी बैंक एफडी तुड़वाकर काम करा दें। पार्षद की यह चिट्ठी आज सुर्खियों में आ गई। इधर, मुख्य अभियन्ता राजवीर सिंह ने बताया कि महानगर में आवश्यक कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। शिकायतों पर गम्भीरता से विचार किया जाता है। फिलहाल बहुत आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं।


