कर्नाटक ट्रिपल मर्डर: एक खौफनाक साजिश, तीन कत्ल और वो एक मोबाइल रिंगटोन जिसने खोल दिया कातिल बेटे का राज

कर्नाटक के विजयनगर जिले में एक खौफनाक तिहरा हत्याकांड ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। 27 वर्षीय अक्षय कुमार (या अक्षय बीजे) ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से अपने पिता भीमराज (52), मां जयलक्ष्मी (50) और बहन अमृता (18) की हत्या कर दी। हत्याओं के बाद उसने शवों को घर के अंदर 10 फुट गहरे गड्ढे में दफना दिया और सबूत मिटाने की कोशिश की।

घटना 27 जनवरी 2026 को कोट्टूर शहर के एक किराए के मकान में हुई, जहां परिवार सालों से रह रहा था और टायर रीमोल्डिंग का कारोबार चला रहा था। अक्षय ने हत्याओं के बाद बेंगलुरु जाकर तिलकनगर पुलिस स्टेशन में अपने परिवार को “लापता” बताकर शिकायत दर्ज कराई, ताकि जांच से बच सके।

रिंगटोन ने खोला राज

पुलिस पूछताछ के दौरान अक्षय का मोबाइल बज उठा। रिंगटोन उसकी “लापता” बहन अमृता के फोन की थी। एक कांस्टेबल ने तुरंत पहचान लिया और इंस्पेक्टर विश्वनाथ को सूचित किया। जांच में अक्षय की जेब से तीन सिम कार्ड बरामद हुए—उनके माता-पिता और बहन के।

पूर्वी क्षेत्र के संयुक्त पुलिस आयुक्त रमेश बनोथ ने कहा, “रिंगटोन ने पूरी जांच का रुख बदल दिया। अक्षय के बयान विरोधाभासी थे और वह गुमराह करने की कोशिश कर रहा था।” अक्षय ने 30 जनवरी को चाय पीने के बहाने बहन का फोन ऑन किया था, ताकि पुलिस को लगे कि परिवार बेंगलुरु में है। लेकिन यह चाल उल्टी पड़ गई।

हत्या का मकसद: पैसा और एफडी

जांच में पता चला कि मुख्य मकसद पिता भीमराज की फिक्स्ड डिपॉजिट और संपत्ति थी। भीमराज ने दावणगेरे के हरप्पनहल्ली में एक संपत्ति बेचकर 12 लाख रुपये कमाए थे, जो बैंक में जमा थे। अक्षय ने कुछ हिस्सा खर्च कर दिया था और पिता को पता नहीं था।

शुरुआत में अक्षय ने “ऑनर किलिंग” का बहाना बनाया (बहन की प्रेग्नेंसी आउट ऑफ वेडलॉक), लेकिन जांच में यह झूठ साबित हुआ। असली वजह पैसे की लालच थी।उसके चाचा वसंत कुमार (53) ने भी सबूत नष्ट करने में मदद की और उसे उकसाया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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