शहीद पथ स्थित शालीमार वन वर्ल्ड में सैलून मैनेजर रतना सिंह आत्महत्या प्रकरण में पुलिस ने आरोपितों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की मदद से शनिवार को आरोपित बिल्डर के आफिस का अवैध हिस्सा बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। निर्माणाधीन अपार्टमेंट व आफिस को सील करने के लिए एलडीए को पत्र लिखा है।
बिल्डर समेत चारों आरोपितों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। आरोपितों की तलाश में पुलिस बाराबंकी, गोरखपुर, देवरिया समेत पांच जिलों में दबिश दे रही है। उधर, इंस्पेक्टर गोमती नगर विस्तार सुधीर अवस्थी ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती वारंट लेने की भी तैयारी है।
पुलिस उपायुक्त(डीसीपी) पूर्वी डा. दीक्षा शर्मा ने बताया कि गोरखपुर के कैंट क्षेत्र निवासी 32 वर्षीय रतना सिंह मानसून सैलून में मैनेजर थीं। उन्होंने सोमवार रात (11 मई) शालीमार वन वर्ल्ड स्थित अपने फ्लैट में आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले रतना ने वीडियो बनाकर बिल्डर एवं होटल संचालक शरद सिंह, उनकी पत्नी पल्लवी, मंगलनाथ यादव, वैशाली समेत अन्य लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
पिता ने बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार को गोमती नगर विस्तार पुलिस ने शरद सिंह से जुड़े विरासत होटल, सैलून और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सील किया था। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर शनिवार को स्विफ्ट कार (यूपी 32 ईयू 0777), स्कार्पियो एन (यूपी32 एनपी 0777) और वोल्वो (यूपी32 केएल 0777) को केस प्रापर्टी बनाकर दाखिल कर दिया है।
डीसीपी ने बताया कि फरार आरोपितों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है। आरोपित बिल्डर से जुड़े निर्माणाधीन अपार्टमेंट, बिल्डिंग और उसके आफिस की जांच के लिए एलडीए को पत्र लिखा गया है। एलडीए की टीम निर्माण कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। गोमती नगर विस्तार पुलिस ने फरार आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया है।


