खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच दरभंगा जिले के हजारों कामगार वहां फंसे हुए हैं। रोजे के महीने में युद्ध की खबरों ने उनके स्वजनों की चिंता और बढ़ा दी है। हालांकि मोबाइल फोन के जरिए फिलहाल हालचाल की जानकारी मिल रही है, लेकिन अनिश्चित हालात को लेकर परिवारों में बेचैनी बनी हुई है।
सिमरी थाना क्षेत्र के सनौली गांव निवासी मो. जब्बार, मो. जूही, मो. पप्पू, राजकिशोर शर्मा, प्रदीप महतो के अलावा बस्तवाड़ा के मो. हारून व मो. फरीद, शोभन के मो. कलीम, लहेरियासराय के करमगंज निवासी बदरुल हसन तथा विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अलीनगर निवासी जलाउद्दीन समेत जिले के अनेक लोग खाड़ी देशों के विभिन्न प्रांतों में मजदूरी करते हैं।
स्वजन बताते हैं कि युद्ध शुरू होने की खबर मिलते ही घरों में चिंता का माहौल है। रोजा के दौरान ऐसी खबरों ने परिवारों की बेचैनी बढ़ा दी है। लोग टीवी और इंटरनेट के माध्यम से हालात पर नजर रखे हुए हैं और लगातार फोन कर अपने परिजनों की कुशलक्षेम पूछ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, दरभंगा जिले से 10 हजार से अधिक लोग खाड़ी देशों में रोजगार के लिए गए हुए हैं। मुस्लिम बहुल गांवों से औसतन 50 से अधिक युवक वहां काम करते हैं। ऐसे में संकट की स्थिति का सीधा असर जिले के सैकड़ों परिवारों पर पड़ रहा है।


