32 किलोमीटर मेट्रो रूट को नए सिरे से विकसित करने के लिए केडीए ट्रांजिड ओरिएटेड डेवलपमेंट के तहत जोनल प्लान तैयार करा रही है। कनाडा की कंपनी आइबीआइ ग्रुप इंडिया द्वारा जोनल प्लान तैयार किया जा रहा है। इससे मेट्रो ट्रैक के दोनों तरफ पांच-पांच सौ मीटर रूट में आने वाले सौ मुहल्लों के नए सिरे से खाका तैयार होगा। तैयार जोनल प्लान में तय होगा कि कहां पर किस प्रकार का कार्य होना है। आवासीय, व्यावसायिक व मिश्रित रूप में विकास होगा। साथ ही फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) भी बढ़ेगा। 1.5 एफएआर से 3.5 एफएआर हो जाएगा।
मेट्रो कारिडोर को विकसित करने के लिए और रोजगार बढाने के लिए केडीए बोर्ड बैठक ने पहले ही ट्राजिट ओरिएटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत मेट्रो कारिडोर को नियोजित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे चुका है। इसके तहत मेट्रो ट्रैक के दोनों तरफ 500-500 मीटर क्षेत्र तक लाभ मिलेगा। इसके तहत करीब 2.07 करोड़ वर्ग मीटर क्षेत्र आ रहा है।
केडीए के मुख्य नगर नियोजक मनोज कुमार ने बताया कि मेट्रो रूट का टीओडी के रूप में विकसित करने के लिए कनाडा कंपनी द्वारा जोनल प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत किस क्षेत्र में क्या किस प्रकार का विकास होना है इसका खाका तैयार होगा। पार्किंग कहां पर बनायी जाए। ताकि जाम से राहत मिल सके। इसके अलावा कहां पर व्यावसायिक और आवासीय निर्माण के साथ मिश्रित निर्माण कराया जा सके।
यह मेट्रो कारिडोर
मेट्रो का प्रथम कारिडोर
आआइटी से नौबस्ता तक मोहल्ले : गूबा गार्डन, आइआइटी, नानकारी, कल्याणपुर, विकास नगर, शारदा नगर, गीतानगर, सर्वोदय नगर, काकादेव, रावतपुर, मोतीझील, जीटी रोड, गुमटी नंबर पांच, स्वरूप नगर, तिलक नगर, आर्यनगर, बेनाझाबर, चुन्नीगंज, हर्षनगर, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, परेड, फूलबाग, नयागंज, घंटाघर, सुतरखाना, हरबंश मोहाल, कैनाल पटरी, मालरोड, झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारहदेवी, किदवईनगर, बसंत बिहार, बौद्ध नगर, नौबस्ता समेत कई मोहल्ले मेट्रो रूट के पांच सौ मीटर दायरे में पड़ेंगे।


