बक्सर जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड स्थित नैनीजोर गांव में गंगा का कटाव एक बार फिर भयावह रूप लेता दिख रहा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा पूर्व में निर्मित कटाव निरोधी ठोकर ध्वस्त हो गया है। जियो बैग में बालू भरकर बनाई गई यह दीवार गंगा की धारा नहीं रोक सकी। लगभग पांच वर्ष पहले करोड़ों रुपये खर्च कर इसका निर्माण कराया गया था। अब इसके धंस जाने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों में सरकारी धन की बर्बादी को लेकर नाराजगी है।
जियो बैग तकनीक पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरानी तकनीक से बनी संरचना टिकाऊ साबित नहीं हुई। कटाव निरोधी कार्य के दौरान निर्माण स्थल पर प्राक्कलन बोर्ड भी नहीं लगाया गया था।
इस कारण खर्च और योजना की जानकारी ग्रामीणों को नहीं मिल सकी। दीवार कुछ ही दिनों में गंगा की धारा में समा गई। इससे संभावित भ्रष्टाचार की आशंका भी जताई जा रही है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
हजारों एकड़ जमीन गंगा में समायी
कटाव का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पूर्व विधायक डॉ. स्वामी नाथ तिवारी के अनुसार हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि पहले ही गंगा में समा चुकी है।
यदि समय रहते ठोस उपाय नहीं हुए तो पूरा गांव खतरे में पड़ सकता है। कई परिवारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों में भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है। कटाव की रफ्तार ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।
सात करोड़ का नया प्रस्ताव, मंत्री से मिलेंगे पूर्व विधायक
कटाव रोकने के लिए दो माह पूर्व नया प्राक्कलन विभाग को भेजा गया है। बताया जा रहा है कि लगभग सात करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है।


