चोरी पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि इस खास वजह से बना था दुनिया का पहला CCTV, दिलचस्प है कहानी

2.6kViews
1744 Shares

क्या आपने कभी सोचा है कि सबसे पहली बार इसका इस्तेमाल कब और क्यों किया गया था? इसका इतिहास बेहद रोचक है और यह साल 1942 के विश्व युद्ध से जुड़ा हुआ है।

दुनिया का सबसे पहला सीसीटीवी सिस्टम जर्मनी के ‘पीनेमुंडे’ सैन्य अड्डे पर लगाया गया था। इस बेहतरीन तकनीक को विकसित करने का श्रेय मशहूर जर्मन इंजीनियर वॉल्टर बर्च को जाता है, जिनके नेतृत्व में इस प्रोजेक्ट पर काम किया गया था।

मौत के ‘ब्लास्ट जोन’ से निकला CCTV का आइडिया

दरअसल, उस दौर में जर्मनी अपनी ‘वी-2’ रॉकेट का परीक्षण कर रहा था। यह दुनिया की सबसे पहली लंबी दूरी की गाइडेड बैलिस्टिक मिसाइल थी। इस रॉकेट की टेस्टिंग के दौरान तकनीकी खराबी के कारण अचानक भयानक विस्फोट होने का खतरा हमेशा बना रहता था। इसलिए, वैज्ञानिकों को एक ऐसे तरीके की जरूरत थी जिससे वे एक सुरक्षित दूरी पर बैठकर रॉकेट लॉन्च की निगरानी कर सकें।

वैज्ञानिकों की इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए कैमरा और मॉनिटर पर आधारित एक खास प्रणाली विकसित की गई। इस सिस्टम की सफलता का सबसे बड़ा कारण कैमरों को सही और सुरक्षित जगह पर लगाना था। इंजीनियर वॉल्टर बर्च ने बड़ी ही समझदारी से इन कैमरों को लॉन्च पैड के ‘ब्लास्ट जोन’ के पास एक मजबूत स्टील और कॉन्क्रीट के सुरक्षा घेरे में फिट किया।

वैज्ञानिकों के लिए बना था लाइफ-सेवर

सुरक्षा घेरे में लगे ये कैमरे केबल के माध्यम से काफी दूर बने एक सुरक्षित बंकर से जुड़े हुए थे। इससे वैज्ञानिकों को सुरक्षित स्थान पर बैठकर रॉकेट की लाइव तस्वीरें देखने में मदद मिली।

चूंकि, यह पूरा सिस्टम तारों के जरिए एक ‘बंद नेटवर्क’ पर काम करता था, इसलिए इसे ‘क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन’ नाम दिया गया। इस शानदार आविष्कार की बदौलत वैज्ञानिक बिना किसी जान के जोखिम के रॉकेट लॉन्च का सुरक्षित रूप से विश्लेषण करने में सफल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *