तकनीकी शिक्षा अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। भागलपुर के छात्रों के लिए ट्रिपल आईटी में शुरू हो रही नई पहल उद्योग की जमीन पर सीधे उतरकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव और बेहतर प्लेसमेंट के अवसर देगी। इस पहल के माध्यम से इंजीनियरिंग छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वास्तविक औद्योगिक समस्याओं के समाधान में भी दक्ष होंगे।
हाथों-हाथ सीखेंगे आधुनिक तकनीक
ट्रिपल आईटी में प्रस्तावित बेस्ट सेंटर (Bajaj Engineering Skilling Training) में छात्रों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और उभरती तकनीकों पर प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कक्षा शिक्षण के साथ प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग को जोड़ा जाएगा, जिससे विद्यार्थी उद्योग की वास्तविक मांगों के अनुसार खुद को ढाल सकेंगे। इससे उनकी तकनीकी समझ मजबूत होगी और वे इंडस्ट्री-रेडी बनेंगे।
स्किल डेवलपमेंट से रोजगार में बढ़ोतरी
इस पहल का मुख्य लाभ छात्रों की स्किल डेवलपमेंट पर पड़ेगा। प्रशिक्षण मॉड्यूल इस तरह डिज़ाइन किए गए हैं कि छात्र नवीनतम उपकरणों और उत्पादन प्रणालियों की व्यवहारिक जानकारी हासिल करें। विशेषज्ञ इंजीनियरों द्वारा तैयार पाठ्यक्रम से विद्यार्थियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और उन्हें कैंपस प्लेसमेंट में बेहतर कंपनियों में चयन की संभावना मिलेगी।
उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
संस्थान प्रबंधन का मानना है कि यह पहल छात्रों को आत्मविश्वासी, दक्ष और नवाचार के लिए प्रेरित बनाएगी। उद्योग-अकादमिक अंतर को कम करते हुए यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्राप्त करने योग्य बनाएगा।
ट्रिपल आईटी ने बजाज आटो फाउंडेशन के साथ किया एमओयू
छात्रों को उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से ट्रिपल आईटी भागलपुर ने 26 फरवरी को बजाज आटो फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह फाउंडेशन बजाज आटो लिमिटेड की सीएसआर इकाई है। एमओयू के तहत संस्थान परिसर में बेस्ट कार्यक्रम संचालित होगा।


