भ्रूण हत्या और लिंग चयन जैसे जघन्य अपराधों पर निर्णायक प्रहार की तैयारी शुरू हो गई है।
अब अवैध अल्ट्रासाउंड जांच और लिंग बताने के गोरखधंधे पर नकेल कसने के लिए प्रशासन मुखबिरों को हिडन कैमरा और आधुनिक तकनीकी संसाधनों से लैस कर मैदान में उतारेगा।
जो भी व्यक्ति ऐसे गैरकानूनी कृत्यों का भंडाफोड़ करेगा, उसे इनाम दिया जाएगा। प्रशासन का साफ संदेश है बेटियों की हत्या करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने ‘गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित जनपद स्तरीय सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक में जनपद के सभी सरकारी और निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
सीएमओ डा. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि जनपद में कुल 11 अल्ट्रासाउंड है जिसमें पांच निजी है जबकि छह सरकारी है। सरकारी में सिर्फ चार संचालित हैं दो में विशेषज्ञ नहीं है।
जिलाधिकारी स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र में लड़का या लड़की दर्शाने वाले सांकेतिक चित्र या फोटो नहीं होने चाहिए। नियम उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम उप जिलाधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/नोडल अधिकारी को नियमित व औचक निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए। लिंग चयन जैसे अवैध कार्यों पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी ने ‘मुखबिर योजना’ को सक्रिय करने पर बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि जो लोग इस कार्य करने के इच्छुक हैं, उन्हें हिडन कैमरा व अन्य तकनीकी संसाधनों के साथ तैनात किया जाए। उन्होंने समिति के सदस्यों से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की।
सीएमओ डॉ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि किसी भी केस के पकड़ाए जाने पर मुखबिर को घोषित दो लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। यह राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी।


